दीनदयाल के नाम पर राजनीति, भाजपा ने कहा: पीछे नहीं हटेंगे

Daily news network Posted: 2017-08-13 12:21:39 IST Updated: 2017-08-13 12:21:39 IST
दीनदयाल के नाम पर राजनीति, भाजपा ने कहा: पीछे नहीं हटेंगे
  • पंडित दीनदायल उपाध्याय के नाम पर प्रस्तावित महाविद्यालयों के नामकरण को लेकर अब भाजपा अगर आमने सामने हो गए हैं।

पूर्वोत्तर।

पंडित दीनदायल उपाध्याय के नाम पर प्रस्तावित महाविद्यालयों के नामकरण को लेकर अब भाजपा अगर आमने सामने हो गए हैं। अगप भले ही राज्य की सत्ता में भाजपा की भागीदार है, लेकिन क्षेत्रीय भावनाओं का हवाला देकर उसने दीनदयाल के नाम पर कॉलेजों के नाम रखे जाने का विरोध किया है। 



वहीं भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर कॉलेजों के नाम रखे जाने से पीछे नहीं हटेगी। अन्य दल संगठनों की तरह अगप ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर विरोध जताते हुए नव स्थापित कॉलेजों का नामकरण असमिया समाज के मूर्धन्य व्यक्तियों के नामों पर करने का आह्वान राज्य सरकार से किया है। 



एक संवाददाता सम्मेल में पार्टी के महासचिव डॉ. कमलकांत कलिता ने कहा कि असमिया समाज के कई वरण्य लोग रहे हैं, जिन्होंने शिक्षा, भाषा, संस्कृति और समाज के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है और उनके नाम पर नए कॉलेजों का नामाकरण उनके प्रति बड़ी श्रद्धांजलि होगी। इसलिए उनकी पार्टी की ओर से राज्य सरकार से अपील होगी कि नए खुलने जा रहे कॉलेजों का नामकरण लक्ष्मीनाथ बेजबरूवा, आनंदराम बरुवा, कृष्णकांत संदिकै आदि जैसे लोगों के नामों पर होना चाहिए। 



डॉ. कलिता ने कहा कि अगप एक आंचलिक पार्टी है और क्षेत्रीय भावनाओं और हितों के खिलाफ कभी नहीं गई है और न कभी स्वीकार करेगी और नए कॉलेजों के नामाकरण के मुद्दे पर पार्टी में एक राय है। एक क्षेत्रीय दल के नाते इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। अगप के ताजा रुख को देखते हुए भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह दीनदायल के नाम पर चल रही राजनीति के आगे नहीं झुकने वाली है।