पनामा: नवाज को PM के पद से नहीं हटाया जाएगा, जांच के लिए JIT गठित

Daily news network Posted: 2017-04-20 15:26:33 IST Updated: 2017-04-20 15:26:33 IST
पनामा: नवाज को PM के पद से नहीं हटाया जाएगा, जांच के लिए JIT गठित
  • सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ और उनके परिजनों की विदेशों में संपत्तियों के मामले की जांच के लिए जॉइंट इनवेस्टिगेटिव टीम (JIT) के गठन का आदेश दिया

इस्लामाबाद।

पनामा पेपर्स लीक मामले में करप्शन के आरोपी नवाज शरीफ को फिलहाल प्रधानमंत्री के पद से नहीं हटाया जाएगा। पाक मीडिया के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ण बहुमत से केस में आगे और जांच की जरूरत बताई है। पांच जजों की बेंच में से तीन जजों ने कहा कि मामले में आगे जांच हो, जबकि बाकी दो जजों का कहना था कि शरीफ को डिसक्वालीफाई किया जाना चाहिए।


वहीं सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ और उनके परिजनों की विदेशों में संपत्तियों के मामले की जांच के लिए जॉइंट इनवेस्टिगेटिव टीम (JIT) के गठन का आदेश दिया है। टीम को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। नवाज शरीफ भी टीम के सामने पेश होंगे। जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश होने के बाद मामले की कोर्ट में फिर से सुनवाई होगी। जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होगी।



बता दें कि  मामले की शुरुआत पिछले साल 3 नवंबर को हुई थी और कोर्ट ने 23 फरवरी को प्रोसिजर पूरी करने से पहले 35 सुनवाई की थीं। फैसले के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की थी। पनामागेट कांड में उनका नाम सामने आने के बाद से ही उनके विरोधी उन्हें घेरे हुए हैं।  अपोजिशन का कहना है कि शरीफ करप्शन में शामिल हैं इसलिए उन्हें डिसक्वालिफाई किया जाना चाहिए।



शरीफ ने नेशनल असेंबली और कोर्ट में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि उनके बच्चों ने अपनी मेहनत की कमाई से पैसे इकट्ठे किए है और इससे ही ब्रिटेन में फ्लैट लिया है। नवाज शरीफ के बेटों हुसैन और हसन के अलावा बेटी मरियम नवाज ने टैक्स हैवन माने जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कम से कम चार कंपनियां शुरू की। इन कंपनियों से इन्होंने लंदन में छह बड़ी प्रॉपर्टीज खरीदी। शरीफ फैमिली ने इन प्रॉपर्टीज को गिरवी रखकर डॉएचे बैंक से करीब 70 करोड़ रुपए का लोन लिया।  इसके अलावा, दूसरे दो अपार्टमेंट खरीदने में बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ने मदद की।  नवाज और उनके परिवार पर आरोप है कि इस पूरे कारोबार और खरीद-फरोख्त में अनडिक्लियर्ड इनकम लगाई गई।