मोदी सरकार ला रही है नई स्कीम, आपको होगा बड़ा फायदा

Daily news network Posted: 2017-04-20 11:51:47 IST Updated: 2017-04-20 11:51:47 IST
मोदी सरकार ला रही है नई स्कीम, आपको होगा बड़ा फायदा
  • केन्द्र सरकार गरीबी दूर करने के लिए एक प्रत्यक्ष लाभ योजना लेकर आ रही है।

नई दिल्ली।

केन्द्र सरकार गरीबी दूर करने के लिए एक प्रत्यक्ष लाभ योजना लेकर आ रही है। इसके तहत सरकार देश के ग्रामीण इलाकों में गरीबी झेल रहे 8.5 करोड़ परिवारों को कर्ज देगी। यह कर्ज इन गरीब परिवारों को व्यवसाय का नया जरिया तैयार करने के लिए दिया जाएगा। 


यह कर्ज इसलिए खास है क्योंकि पर इस पर ब्याज का बड़ा हिस्सा केन्द्र सरकार खुद वहन करेगी। मोदी सरकार की इस योजना का नाम होगा माइक्रो क्रेडिट प्रोग्राम। प्रस्ताव यह है कि अगले तीन से पांच सालों में प्रति परिवार 1 लाख रुपए तक का कर्ज दिया जाए और इसके बदले कोई चीज गिरवी न रखवाई जाए। साथ ही कर्ज पर लगने वाले ब्याज में सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाए। ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव अमरजीत सिन्हा ने कहा, हमने कर्ज लेने की प्रक्रिया सरल कर दी है। हम हर परिवार की आजीविका के साधनों के ब्योरे जुटा रहे हैं ताकि उसके मुताबिक कर्ज दिया जा सके। 


सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना में करीब 8.5 करोड़ गरीब परिवारों को चिन्हित किया गया है। साल 2019 तक इन परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। दरअसल सरकार बैंक लिकेज डबल करना चाहती है ताकि हर साल 60 हजार करोड़ रुपए का कर्ज दिया जा सके। इससे 2019 तक वंचित ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का इंतजाम किया जाना है। 1 लाख रुपए का लोन देने के लिए केन्द्र सरकार ने हाल में कराए सामाजिक,आर्थिक और जाति सर्वेक्षण के आंकड़ों का सहारा लिया है। इन आंकड़ों में केन्द्र सरकार ऐसे करीब 8.5 करोड़ परिवारों को चिन्हित करेगी और इस योजना के तहत 2019 तक एक लाख रुपए का लोन आवंटित करेगी। 1 लाख रुपए के लोन की योजना के तहत केन्द्र सरकार की कोशिश ग्रामीण फाइनेंनसिंग के सरकारी ढांचे को पुख्ता करने की है। 


इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में गरीब परिवारों की क्षेत्रीय साहूकार और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर निर्भरता कम करने की है। गौरतलब है कि जहां बैंक कर्ज के लिए 11 फीसदी ब्याज वसूलते हैं वहीं क्षेत्रीय साहूकार और माइक्रो फाइनेंस कंपनियां इससे कहीं ज्यादा ब्याज वसूलते हैं। इससे ग्रामीण इलाकों के गरीब परिवार ब्याज के बोझ तले दबे रहते हैं। केन्द्र सरकार के ग्रमीण विकास मंत्रालय ने कृषि और एनिमल हस्बेंडरी मंत्रालय के साथ करार किया है। इसके तहत गरीब परिवारों को खेत जुताई,पोल्ट्री फार्म और बकरी पालन जैसी गतिविधियों के जरिए आमदनी करने के लिए सक्षम किया जाएगा। 


इन परिवारों को सस्ती दर पर दिया गया लोन इन कामों के जरिए आमदनी को पुख्ता करने के लिए दिया जाएगा। इसके अलावा सरकार नेशनल डेयरी बोर्ड की मदद के साथ साथ इस क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी पर भी काम कर रही है। ब्याज कम करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय 4 फीसदी ब्याज सबवर्जन के जरिए कम कर 7 फीसदी पर उपलब्ध कराएगा। वहीं देश के करीब 250 अति पिछड़े जिलों में केन्द्र सरकार यह कर्ज सिर्फ 4 फीसदी ब्याज पर देने की तैयारी में है, इसके लिए वह उन परिवारों को इंटरेस्ट सबवर्जन के जरिए ही 3 फीसदी अतिरिक्त छूट देगी जो समय से अपने ब्याज की भरपाई करेगा।