ममता बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखा खत

Daily news network Posted: 2018-01-06 19:47:56 IST Updated: 2018-01-06 19:47:56 IST
ममता बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखा खत
  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के असम में एनआरसी अपडेट को लेकर दिए गए बयान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

गुवाहाटी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के असम में एनआरसी अपडेट को लेकर दिए गए बयान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गुवाहाटी शहर के एक निवासी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को पत्र लिखा।

पत्र में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के असम में एनआरसी अपडेशन को लेकर दिए कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर उचित कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। पत्र में कहा गया है कि ममता बनर्जी का बयान कोर्ट की अवमानना है। अपने पत्र में गुवाहाटी के बसिस्ठा इलाके में रहने वाले बिश्वजीत नाथ ने ममता बनर्जी पर सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बोलने का आरोप लगाया है। आपको बता दें कि असम में एनआरसी का पहला ड्राफ्ट 31 दिसंबर की रात जारी किया गया था। इस ड्राफ्ट में 1 करोड़ 90 लाख लोगों के नाम हैं, यानि ये सभी भारत के वैध नागरिक हैं।

एनआरसी अपडेशन का काम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहा है। बताया जा रहा है कि एनआरसी का आखिरी ड्राफ्ट जुलाई तक जारी हो सकता है। विश्वजीत नाथ ने कहा है कि ममता बनर्जी के बयान से असम में समुदायों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया है। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के अमादपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी एनआरसी अपडेट को असम से बंगालियों को बाहर करने वाला कदम बताया था। ममता बनर्जी के इस बयान से राज्य में काफी रोष उत्पन्न हो गया था।

बुधवार को वकील तेलेन्द्र नाथ दास और तृणमूल के पूर्व नेता कैलाश शर्मा ममता बनर्जी के खिलाफ लतासिल पुलिस थाने में दो एफआईआर दर्ज कराई थी। ममता बनर्जी पर विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी क्रिएट करने का आरोप लगाया गया है। ममता बनर्जी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे ममता बनर्जी के भाषण का टीवी फुटेड कलेक्ट करेंगे और आगे की किसी कार्रवाई के लिए उसका सावधानीपूर्वक परीक्षण करेंगे।

पिछले साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को उनके एक बयान को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी। सोनोवाल ने क ा था कि ड्राफ्ट एनआरसी 31 दिसंबर तक प्रकाशित होगा। पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी बेस्ड एनजीओ असम पब्लिक वक्र्स के अध्यक्ष अभीजित शर्मा को भी लताड़ लगाई थी। शर्मा ने एनआरसी अपडेट में घोटाले का आरोप लगाया था।