पर्वतों की रानी मसूरी में आपके लिए है बहुत कुछ, यहां देखें इसकी खूबसूरती

Daily news network Posted: 2017-10-12 16:04:55 IST Updated: 2017-10-12 16:04:55 IST
पर्वतों की रानी मसूरी में आपके लिए है बहुत कुछ, यहां देखें इसकी खूबसूरती
  • उत्तराखंड की प्रकृति की गोद में बसा हुआ एक बेहद खूबसूरत शहर है मसूरी। इस शहर को पहाड़ों की रानी भी कहा जाता है।

नई दिल्ली।

उत्तराखंड की प्रकृति की गोद में बसा हुआ एक बेहद खूबसूरत शहर है मसूरी। इस शहर को पहाड़ों की रानी भी कहा जाता है। मसूरी में एक ओर जहां विशाल हिमालय की चमचमाती बफीली शृंखलाओं का सुंदर नजारा दिखता है, वहीं दूसरी ओर दून घाटी में बिखरी प्रकृति की अद्भुत सुंदरता पर्यटकों को शांति प्रदान करती है। मसूरी में देवदार के वृक्षों से भरे हुऐ घने जंगल व वनों से घिरे जलप्रपात है जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इस खबर में हम आपको मसूरी की खूबसूरत वादियों से रूबरू करवा रहे हैं।

 

कैम्पटी फाल

यमुनोत्री रोड पर मसूरी से 15 किमी दूर 4500 फुट की ऊंचाई पर यह इस सुंदर घाटी में स्थित सबसे बड़ा और सबसे खूबसूरत झरना है, जो चारों ओर से ऊंचे पहाड़ों से घिरा है। झरने की तलहटी में स्नान तरोताजा कर देता है। मसूरी-यमुनोत्री मार्ग पर नगर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित यह झरना पांच अलग-अलग धाराओं में बहता है, जो पर्यटकों के लिए खासा आकर्षण का केंद्र बना रहता है। यह स्थल समुद्रतल से लगभग 4500 फुट की ऊंचाई पर है। इसके चारों ओर पर्वत श्रृंखलाएं दिखाई देती हैं।

लाल टिब्बा

लाल टिब्बा, मसूरी का सबसे ऊंचा प्वाइंट है और इसे डिपो हिल भी कहा जाता है क्यूंकि एक डिपो इस क्षेत्र में स्थित है। ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के टॉवर इस पहाड़ी पर स्थित हैं। भारतीय सैन्य सेवा भी इस पहाड़ी पर स्थित है। इस पहाड़ी पर पर्यटकों की सुविधा के लिए एक जापानी टेलीस्कोप भी 1967 में रखा गया था। इस दूरबीन यानि टेलीस्कोप के माध्यम से पर्यटक नजदीक के इलाके बंदेरपुंछ, केदारनाथ और बद्रीनाथ को देख सकते हैं। नाग टिब्बा, मसूरी का अन्य लोकप्रिय पहाड़ी है।

गन हिल

गन हिल को मसूरी की दूसरी सबसे ऊंची चोटी कहा जाता है, यहां आप रोप वे का आनंद लेना ना भूलें। इस जगह पर पैदल भी पहुंचा जा सकता है। यह रास्ता माल रोड पर कचहरी के निकट से जाता है और यहां पहुंचने में लगभग 20 मिनट का समय लगता है। रोप-वे की लंबाई केवल 400 मीटर है। गन हिल से हिमालय पर्वत श्रृंखला बंदरपंच, श्रीकांता, पिठवाड़ा और गंगोत्री समूह आदि के सुंदर दृश्य देखे जा सकते हैं। साथ ही मसूरी और दून-घाटी के विहंगम दृश्य भी यहां से देखे जा सकते हैं। आजादी से पहले पहाड़ी के ऊपर रखी तोप प्रतिदिन दोपहर को चलाई जाती थी ताकि लोग अपनी घडिय़ां सैट कर लें, इसी कारण इस स्थान का नाम गन हिल पड़ा।

कैमल बैक रोड

3 किमी लंबा यह रोड रिंक हॉल के समीप कुलरी बाजार से आरंभ होता है और लाइब्रेरी बाजार पर जाकर समाप्त होता है। इस सड़क पर पैदल चलना या घुड़सवारी करना अच्छा लगता है। इसके साथ ही यहां पर बौद्ध सभ्यता की गाथा कहता तिब्बत मंदिर निश्चय ही पर्यटकों का मन मोह लेता है। इस मंदिर के पीछे की तरफ कुछ ड्रम लगे हुए हैं। जिनके बारे में मान्यता है कि इन्हें घुमाने से मनोकामना पूरी होती है। लाल टिब्बा के निकट यह मसूरी की सबसे ऊंची चोटी है। टूरिस्ट कार्यालय से यह 5 किमी दूर है, यहां तक घोड़े पर या पैदल भी पहुंचा जा सकता है। यहां से बर्फ के दृश्य देखना बहुत रोमांचक लगता है।

मसूरी कैसे जाएं

मसूरी, आसानी से भारत के अन्य भागों से हवाई, रेल और सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। इस गंतव्य का सबसे नजदीकी एयरबेस जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है जो देहरादून में बना हुआ है। इस एयरपोर्ट की मसूरी से दूरी 60 किमी है। वहीं देहरादून रेलवे स्टेशन, इस गंतव्य स्थल का सबसे नजदीकी रेल हेड है। मसूरी का मौसम मसूरी में साल के हर महीने में मौसम बेहद खुशनुमा रहता है जो हर साल भारी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह हिल स्टेशन सभी मौसम में सुंदर लगता है। हालांकि, मसूरी घूमने का आदर्श समय मार्च से जून और सितम्बर से नवंबर के बीच होता है।