योगी आदित्यनाथ के नाम से बनाया फर्जी अकाउंट, महिला की नग्न तस्वीरें की पोस्ट

Daily news network Posted: 2017-06-20 13:16:19 IST Updated: 2017-06-20 13:16:19 IST
योगी आदित्यनाथ के नाम से बनाया फर्जी अकाउंट, महिला की नग्न तस्वीरें की पोस्ट
  • जांचकर्ताओं ने खुलासा किया है कि जिस फेसबुक अकाउंट से आदिवासी महिला लक्ष्मी ओरांग की नग्न तस्वीरें पोस्ट की गई थी वह फेक अकाउंट है

तेजपुर।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (स्पेशल ब्रांच) पल्लब भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि जांचकर्ताओं ने खुलासा किया है कि जिस फेसबुक अकाउंट से आदिवासी महिला लक्ष्मी ओरांग की नग्न तस्वीरें पोस्ट की गई थी वह फेक अकाउंट है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम से यह फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया गया था। 2007 में गुवाहाटी के बेलतोला में हिंसा हुई थी। इस दौरान महिला को नग्न किया गया था और उसकी पिटाई की गई थी।


भट्टाचार्य ने कहा, प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि फेसबुक अकाउंट फेक है। हम जांच में यूपी पुलिस की मदद लेंगे। उधर लक्ष्मी ने कहा है कि वह राज्य के बिश्वनाथ जिले की कोर्ट में आदित्नाथ के खिलाफ केस करेगी। लक्ष्मी का आरोप है कि फेसबुक पोस्ट में गुमराह करने वाली जानकारी के साथ उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। फेसबुक पोस्ट में दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के समर्थन में नारे लगाने के कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिंदू महिला को प्रताडि़त किया।


बिश्वनाथ की जिला अदालत पहुंची लक्ष्मी ने कहा, सभी तैयारियों पूरी हो गई है। मंगलवार को आदित्यनाथ के खिलाफ  केस दायर किया जाएगा। लक्ष्मी का कहना है कि आदित्यनाथ ने उनको बदनाम किया है। सोमवार को ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ असम (एएएसएए) ने मोरानहाट पुलिस थाने में आदित्यनाथ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप लगाया गया कि आदित्यनाथ ने महिला की तस्वीरें अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट की।


लक्ष्मी ने समाचार पत्र द टेलीग्राफ से बातचीत में कहा, योगी आदित्यनाथ को मेरे साथ राजनीतिक खेल खेलने का कोई अधिकारी नहीं है। मैंने किसी के आदेश पर बेलतोला में हुई रैली में हिस्सा नहीं लिया था। मैंने चार समुदायों को एसटी का दर्जा दिए जाने की मांग की थी।  मैं वहां एएएसएए की सदस्य के नाते मौजूद थी। घटना को 10 साल हो चुके हैं। पिछले 10 सालों में मुझे कभी सरकार नौकरी के लिए नहीं किया गया। बिना तथ्य जाने योगी आदित्यनाथ ने तस्वीरों का दुरुपयोग किया और सोशल मीडिया पर उन तस्वीरों को लेकर टिप्पणियां की। यह पूरी तरह से गलत है। वह किसी तरह से महिलाओं का सम्मान नहीं करते। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा दिया था और उनकी पार्टी का मुख्यमंत्री इस तरह की चीजें कर रहा है।


सोमवार को एएएसएए के सदस्यों ने बिश्वनाथ में आदित्यनाथ का पुतला फूंका। उन्होंने  यूपी के मुख्यमंत्री और तेजपुर से भाजपा सांसद आर.पी.शर्मा के खिलाफ नारेबाजी की। शर्मा ने भी तस्वीरों को शेयर किया था। एएएसएए के अध्यक्ष प्रदीप नाग ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आदित्यनाथ को दंड देने की मांग की है। उन्होंने कहा,अगर भाजपा सरकार आदिवासियों को न्याय दिलाने में विफल रहती है तो उसे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।