NRC: असम से बंगालियों को भगाने की साजिश या राजनीति?

Daily news network Posted: 2018-01-14 15:04:41 IST Updated: 2018-01-14 15:04:41 IST
  • असम में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर बंगाली समुदाय के लोगों का आरोप है कि बंगालियों और गैर हिंदुओं को असम से भगाने की साजिश रची जा रही है।

असम में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर बंगाली समुदाय के लोगों का आरोप है कि बंगालियों और गैर हिंदुओं को असम से भगाने की साजिश रची जा रही है। इसके पीछे का सच क्या है ये नहीें पता लेकिन राजनीति तो जरूर शुरू हो गयी है। इससे पहले बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी केंद्र सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर असम से बंगालियों और गैर हिंदुओं को भगाया गया तो परिणाम अच्छा नहीं होगा।



असम में बंगाली समुदाय की नागरिकता खतरे में आ जाने के कारण बंगाल में राजनीतिक दल अपने मतभेदों को भुलाकर एक साथ आने लगा हैं। इस मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान ने ममता बनर्जी के सुर में सुर मिलाया है। कांग्रेस विधायक और विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान ने इस मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।



मन्नान ने पत्र में शिकायत की है कि असम में नागरिकों की सूची तैयार की जा रही है।  उसमें बंगाली नागरिकों से ऐसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं कि उसे दे पाना उनके लिए मुश्किल है। असम में भाजपा धर्म के आधार पर समाज का ध्रुवीकरण कर रही है। गुरूवार को लिखे गए इस पत्र में मन्नान ने कहा है कि ये सच है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही यह एनअसारसी की लिस्ट तैयार की जा रही है आैर हम लोग भी इसके विरोध में नहीं हैं। लेकिन इसमें बंगालियों को असम से भगाने की साजिश रची जा रही है। उनसे यह मांगा जा रहा है कि वे कब से इस राज्य में रह रहे हैं, इसका प्रमाण पेश करें। वहां के बंगालियों ने शिकायत की है कि केवल उन लोगों से ही इस तरह के कागजात मांगे जा रहे हैं। घर से भगाये जाने के डर से बंगाली रातों को सो नहीं पा रहे हैं।


मन्नान का ममता का साथ देने की वजह से अब कांग्रेस पर सवाल उठ रहे हैं। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी द्वारा असम सरकार को दी गर्इ चेतावनी पर व्यंग किया है कि बंगाली समुदाय को उकसा कर राजनीतिक लाभ कमाने से पूरे समाज को नुकसान ही होगा।