पटाखों के प्रतिबंध पर हो रही राजनीति , 'प्रदूषण का हवाला देकर कहीं अवार्ड वापसी गैंग हिंदुओं की चिता जलाने पर भी याचिका न डाल दे' : पढ़िए पूरी खबर

Daily news network Posted: 2017-10-11 19:35:55 IST Updated: 2017-10-11 19:37:03 IST
पटाखों के प्रतिबंध पर हो रही राजनीति , 'प्रदूषण का हवाला देकर कहीं अवार्ड वापसी गैंग हिंदुओं की चिता जलाने पर भी याचिका न डाल दे' : पढ़िए पूरी खबर
  • दिल्‍ली में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंध पर विरोध के स्‍वर भी धीरे-धीरे बुलंद हो रहे हैं। त्रिपुरा के गवर्नर तथागत रॉय का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध में राजनीति शामिल है।

त्रिपुरा

अगरतला । दिल्‍ली में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंध पर विरोध के स्‍वर भी धीरे-धीरे बुलंद हो रहे हैं। त्रिपुरा के गवर्नर तथागत रॉय का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध में राजनीति शामिल है।



तथागत रॉय ने याचिकाकर्ताओं और 'पुरस्कार-वापस करने वाले लोगों को विशेष रूप से लक्षित करते हुए कहा, 'पुरस्कार-वापसी और अन्य लोग जो इस पर याचिका दर्ज करने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी आंखें हमेशा अल्पसंख्यक वोट बैंक की ओर ही रहती हैं। मुझे पक्‍का यकीन है कि इस मुद्दे में राजनीति हो रही है।'



रॉय ने अपने ट्वीट में पटाखों पर प्रतिबंध के बारे में कहा, 'कभी दही हांडी, आज पटाखा, कल को हो सकता है प्रदूषण का हवाला देकर मोमबत्ती और अवार्ड वापसी गैंग हिंदुओं की चिता जलाने पर भी याचिका डाल दे!' रॉय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बारे में कुछ नहीं कहा, लेकिन साथ ही कहा कि वह प्रतिबंध से नाखुश हैं।








उन्‍होंने कहा कि 'एक हिंदू होने के नाते मैं अदालत के फैसले से नाखुश हूं, क्योंकि दिवाली एक भारतीय त्‍यौहार है और शायद सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्‍यौहार है। पटाखे चलाना इस त्‍यौहार का एक हिस्‍सा है।' हालांकि पर्यावरण पर पटाखे के असर त्रिपुरा के गवर्नर सहमत नजर आए, लेकिन उन्‍होंने कहा कि त्यौहार एक दिन में मनाया जाता है, वो भी उस दौरान जब प्रदूषण अपेक्षाकृत कम होता है।



रॉय ने कहा, 'प्रदूषण सर्दियों में ज्यादातर होता है, जबकि दिवाली का पर्व शरद ऋतु के अंत में मनाया जाता है।' उन्होंने कहा कि अदालत ने एक अच्छा निर्णय लिया, जब उसने डीजल वाहन पर प्रतिबंध लगाया, क्योंकि कारों से पूरे वर्ष प्रदूषण होता है, लेकिन त्‍यौहर सिर्फ एक दिन मनाया जाता है।


दिल्ली के पटाखा कारोबारियों ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। उम्मीद की जा रही है कि इस पर अगले कुछ दिनों में सुनवाई हो सकती है, क्योंकि दिवाली त्योहार को एक सप्ताह ही बचा है। दिल्ली फायर वर्क्‍स ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव जैन के मुताबिक, पटाखा बिक्री पर प्रतिबंध से सैकड़ों पटाखा कारोबारियों के सामने रोजीरोटी के साथ गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। कई ने यह निवेश सूद पर पैसे लेकर किया है। ऐसे में वह इस फैसले से गहरे कर्ज में चले जाएंगे।