मोदी सरकार ला रही है ये स्कीम, आपको होगा बड़ा फायदा, ऐसे उठाएं फायदा

Daily news network Posted: 2017-04-21 11:51:36 IST Updated: 2017-04-21 11:51:36 IST
मोदी सरकार ला रही है ये स्कीम, आपको होगा बड़ा फायदा, ऐसे उठाएं फायदा
  • केन्द्र सरकार जल्द ही एक ऐसी हाउस रेंटल पॉलिसी लॉन्च करने पर विचार कर रही है, जिसके तहत शहरों में आने वाले प्रवासी लोगों को सरकारी संस्थाओं से मकान किराये पर लेने की सुविधा होगी

नई दिल्ली।

केन्द्र सरकार जल्द ही एक ऐसी हाउस रेंटल पॉलिसी लॉन्च करने पर विचार कर रही है, जिसके तहत शहरों में आने वाले प्रवासी लोगों को सरकारी संस्थाओं से मकान किराये पर लेने की सुविधा होगी। यही नहीं भविष्य में उनके पास इस किराये के मकान को आसान किस्तों में पूरी कीमत चुकाकर खरीदने का विकल्प भी होगा। 


हाउसिंग मिनिस्ट्री के मुताबिक इस स्कीम का नाम रेंट टु ओन होगा,जिसे केन्द्र सरकार की नेशनल अर्बन रेंटल हाउसिंग पॉलिसी के तहत लॉन्च किया जाएगा। केन्द्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री वेंकैया नायडू ने गुरुवार को कहा कि इस ऐक्ट को मंजूरी के लिए जल्द ही कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके अलावा मोदी सरकार निजी जमीन पर बने मकानों को खरीदने पर भी गरीब तबके के लोगों को 1.5 लाख रुपए की सब्सिडी देने पर विचार कर रही है। अब तक यह छूट राज्य सरकारों व निकायों की जमीन पर बने आवासों पर ही दी जाती थी।


 

वेंकैया नायूड ने कहा कि प्राइवेट डेवलपर्स की ओर से लॉन्च किए गए अफोर्डेबेल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन के बाद से ही मंत्रालय इस पर विचार कर रहा था। उन्होंने कहा,अब तक हम 2008 शहरों और कस्बों में 17.73 लाख शहरी गरीबों के लिए आवास को मंजूरी दे चुके हैं। मंत्री ने कहा, 2022 तक सबको घर के वादे को पूरा करने का लक्ष्य है। 2019 तक 15 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में इस लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा,इनमें केरल,हिमाचल,अरुणाचल और जम्मू कश्मीर जैसे राज्य शामिल हैं। इसके बाद 2022 तक अन्य राज्यों में इस टार्गेट पूरा किया जाएगा। मंत्री ने कहा,रेंट टु ओन एक्ट की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद राज्य इस पर काम करेंगे। 


केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि 2022 तक सभी को आवास मुहैया कराने के सरकार के लक्ष्य के तहत यह बड़ी स्कीम होगी। इसके तहत शहरों में पलायन कर आने वाली बड़ी आबादी के लिए उचित आवास की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है। इस स्कीम के तहत शुरुआत में कुछ निश्चित सालों के लिए घर लीज पर दिया जाएगा। खरीदार को प्रति माह ईएमआई के बराबर किराया बैंक में जमा कराना होगा,इसमें कुछ किराये के तौर पर जमा होगा और बाकी जमा होगा। खरीदार की ओर से जमा की गई ईएमआई की राशि जब 10 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगा तब मकान उसके नाम पर रजिस्टर हो जाएगा। 

अगर लीज पर लेने वाला व्यक्ति रकम जमा नहीं कर पाता है तो सरकार इस मकान को दोबारा बेच देगी। इसके अलावा किराये के साथ जमा की जाने वाली राशि किरायेदार को बिना ब्याज के वापस लौटा दी जाएगी। देश में मकानों की कमी दूर करने के लिए सरकार जल्द ही रेंटल हाउसिंग पॉलिसी लाने जा रही है। इसके तहत मकान किराए पर देने वाले मकान मालिकों को सरकार फायदे देगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किरायेदार उसके मकान पर कब्जा न कर सकें। अभी जो रेंट कंट्रोल एक्ट है वह किरायेदारों के पक्ष में है। 


इसी वजह से मकान मालिक अपना घर किराये पर देने से कतराते हं। सरकार चाहती है कि जिन लोगों ने मकान खरीदे हैं,अगर वे खुद उसमें नहीं रहते हैं तो वे किराये पर दे दें ताकि उनका सदुपयोग तो हो सके। अगर ऐसा होता है तो कई शहरों में मकानों की समस्या ही खत्म हो जाएगी। सरकार ऐसा मॉडल एग्रीमेंट तैयार करेगी जो मकान मालिक और किरायेदार आपसी सहमति से करेंगे। इसमें किराये की राशि और अवधि तय की जाएगी। इससे सुनिश्चित किया जाएगा कि मकान मालिक का मकान सुरक्षित रहेगा।