राष्ट्रपति चुनाव: मेघालय के 7 विधायकों ने नहीं किया मतदान

Daily news network Posted: 2017-07-17 16:16:52 IST Updated: 2017-07-17 16:16:52 IST
राष्ट्रपति चुनाव: मेघालय के 7 विधायकों ने नहीं किया मतदान

शिलॉन्ग।

अटकलों और भविष्यवाणियों के बीच मेघालय विधानसभा में सोमवार को विधायकों ने 14 वें राष्ट्रपति के लिए मतदान किया। इस तरह की अटकलें है कि राज्य के ज्यादातर वोट यूपीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार को जाएंगे। कांग्रेस के कुछ विधायक वोटिंग के दौरान मौजूद नहीं थे। कुछ निर्दलीय विधायकों ने भी मतदान में हिस्सा नहीं लिया। जिन लोगों ने सोमवार सुबह वोट डाला उनमें मुख्यमंत्री डॉ मुकुल संगमा, कैबिनेट मंत्री एस.धर,जेनिथ संगमा, देबराह मराक, एचडीआर लिंगदोह और डीडी लपांग और एस.सी.मराक जैसे वरिष्ठ नेता शामिल है।


आपको बता दें कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को राज्य कांग्रेस का पूरा समर्थन प्राप्त है। हालांकि एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को विपक्षी दल यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी(यूडीपी) और एनपीपी का समर्थन प्राप्त है। एचएसपीडीपी ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए होने वाली वोटिंग से अनुपस्थित रहने का फैसला किया था। 60 सदस्यीय विधानसभा में एचएसपीडीपी के 4 विधाक हैं। वोट डालने के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कहा, यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य राजनीतिक दलों के विधायकों ने अपनी पसंद को लेकर कैसे फैसला लिया क्योंकि इलेक्टोरल कॉलेज के सदस्यों के फैसले से उनके यूपीए और एनडीए के एजेंडे के समर्थन का पता चलेगा।


बकौल संगमा, यह देखना दिलचस्प होगा कि किसी सदस्य के भाजपा के नेतृत्व वाले उम्मीदवार को वोट करना एनडीए और आरएसएस के एजेंडे को समर्थन करना माना जाएगा। एनडीए सरकार के धर्म केन्द्रित एजेंडे की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि  एनडीए सरकार की ओर से आगे बढ़ाए जा रहे एजेंडे के चलते देश प्रबल समस्याओं का सामना कर रहा है। पूर्वोत्तर में आधार मजबूत करने की भाजपा की कोशिशों पर संगमा ने कहा कि क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर भाजपा मेघालय में अपने लिए रास्ता तलाशने की कोशिश कर रही है। वे राज्य को कांग्रेस मुक्त बनाना चाहते हैं।


भाजपा का एजेंडा लोकतांत्रिक ढांचे के लिए खतरा है। देश में स्थिति निश्चित रूप से बदली है। पूर्वोत्तर के छोटे एथनिक ट्राइबल ग्रुप के सामने अब अपने अस्तित्व को बचाए रखने के कई संकट उत्पन्न हो गए हैं।

एचएसपीडीपी के पोलिंग प्रोसेस में भाग नहीं लेने पर संगमा ने कहा कि एचएसपीडीपी ने इसलिए वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया क्योंकि वे भाजपा और आरएसएस के एजेंडे को मंजूर नहीं करते। हालांकि उन्होंने यह

भी कहा कि एचएसपीडीपी मीरा कुमार के समर्थन में वोट कर सकती थी। जिन विधायकों ने वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया उनमें पीडब्ल्यूडी(सड़क) मंत्री एमएम डांगो और निर्दलीय विधायक जस्टिस धर शामिल है। उन्होंने व्यक्तिगत समस्याओं का हवाला देते हुए वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। मावहाति विधायक जुलियस दोरफांग इस वक्त जेल में हैं,इसलिए वह वोट नहीं डाल सके। एचएसपीडीपी के चार विधायक पहले ही राष्ट्रपति चुनाव के बहिष्कार का फैसला कर चुके थे।