दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर शिक्षण संस्थान खोले जाने का विरोध

Daily news network Posted: 2017-08-11 15:48:39 IST Updated: 2017-08-11 15:48:39 IST
दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर शिक्षण संस्थान खोले जाने का विरोध
  • असम छात्र युवा सम्मेलन ने दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर सरकारी शिक्षण संस्थान खोले जाने का विरोध किया

गुवाहाटी।

असम छात्र युवा सम्मेलन ने दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर सरकारी शिक्षण संस्थान खोले जाने का विरोध किया है। इस लेकर संगठन की ओर से दिघलीपुर के किनारे प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री सोनोवाल ने नाम एक ज्ञापन में उक्त शिक्षण संस्थानों का नाम दीनदयाल उपाध्याय के बजाए राज्य के विशिष्ट जनों के नाम पर करने की मांग की है। 



छात्र युवा सम्मेलन की सांगठनिक सचिव मनीषा कैवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक नामक संगठन से जुड़े पंडित दीनदायल उपाध्याय का असम के सामाजिक जीवन में ऐसा क्या योगदान है कि सरकारी शिक्षण संस्थानों का नामकरण उनके नाम पर किए जाने की सरकार द्वारा कवायद चलाई जा रही है। 



सम्मेलन के कार्यकारी अध्यक्ष धीराज नाथ और महासचिव माधुर्य बरुवा ने कहा कि राज्य में ऐसी बहुत सी महान हस्तियां हैं, जिनका भाषा, साहित्य, संस्कृति, कला आदि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है। सरकार को चाहिए कि वह बजाए दीनदयाल उपाध्याय के इन हस्तियों के नाम पर सरकारी शिक्षण संस्थानों का नामकरण करे। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार ने राज्य के विभिन्न स्थानों पर ऐसे पांच महाविद्यालय खोलने का काम शुरु कर दिया है, जिनका नाम दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर किया जाएगा।