असम में राहत और बचाव अभियान में शामिल हुआ रेलवे

Daily news network Posted: 2017-07-15 11:47:52 IST Updated: 2017-07-15 11:47:52 IST
असम में राहत और बचाव अभियान में शामिल हुआ रेलवे
  • पूर्वोत्तर में बाढ़ को देखते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने सुचारू राहत और बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से असम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारों व राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल(एनडीआरएफ) के साथ करीबी समन्वय से काम करने को कहा है।

नई दिल्ली।

पूर्वोत्तर में बाढ़ को देखते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने सुचारू राहत और बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से असम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारों व राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल(एनडीआरएफ) के साथ करीबी समन्वय से काम करने को कहा है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए रेलवे बोर्ड के अधिकारियों की एक विशेष बैठक बुलाई थी।

उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि पूर्वोत्तर के लिए पीने के पानी की आपूर्ति, अनाज,दवाएं और स्वास्थ्य देखभाल को प्रथामिकता दी जाए और रेलवे द्वारा उनकी सुचारू ढुलाई सुनिश्चि हो। प्रभु ने अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत के लिए हरसंभव सहायता देने के निर्देश दिए ताकि बचाव और राहत के लिए सुचारू कनेक्टिविटी मुहैया हो सके। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्यों में रेल सेवा पूरी तरह से चल रही है। यह बाढ़ से प्रभावित नहीं हुई है। अधिकारी ने कहा कि उत्तर फ्रंटियर रेलवे अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं और एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित राज्यों का हवाई दौरा किया और राहत के काम में लगे अधिकारियों से बात की। केन्द्र ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पूरी मदद का भरोसा दिया है। बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी और इसरो के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

केन्द्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में राहत व बचाव कार्यों के लिए 51 करोड़ 30 लाख रुपए की अग्रिम अनुदान सहायता जारी की है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारी बारिश व बाढ़ के कारण मंत्रालय के व्यय विभाग ने अरुणाचल प्रदेश को 51 करोड़ 30 लाख रुपए की सहायता दी है। यह मदद राज्य में प्राकृतिक आपदा के कारण जरूरी राहत के लिए 14 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर दी गई है।