मेघालय में है धार्मिक कट्टरवाद का खतरा,खुद सरकार ने कबूला

Daily news network Posted: 2017-05-20 17:02:56 IST Updated: 2017-05-20 17:02:56 IST
मेघालय में है धार्मिक कट्टरवाद का खतरा,खुद सरकार ने कबूला
  • केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एक दिन पहले कहा था कि धार्मिक कट्टरता नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

शिलॉन्ग।

केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एक दिन पहले कहा था कि धार्मिक कट्टरता नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। मेघायल के कैबिनेट मंत्री प्रेस्टोन त्यानसोंग ने भी इस बात को स्वीकार किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से आने वाले किसी भी खतरे से निपटने के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। मेघालय की अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है। मेघालय लगातार घुसपैठ और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से प्रभावित राज्य है। सीमा पार से निषिद्ध माल और अवैध हथियार आता है और भारत से भी यह बांग्लादेश जाता है। 




त्यानसेंग ने कहा कि एंटी नेशनल और एंटी सेक्युलर विचारधाराएं देश के डेमोक्रेटिर फैब्रिक के लिए खतरा है। सरकार युवाओं के दिमाग को एंटी नेशनल और एंटी सेक्युलर विचारधाराओं से दूषित करने वाले की कोशिश करने वाले लोगों पर कड़ी निगाह रखे हुए है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा था कि धार्मिक कट्टरता सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। अगर इससे समय रहते नहीं निपटा गया तो यह आतंकवाद का रूप ले सकती है। 




नॉर्थ ईस्ट में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में राजनाथ सिंह ने कहा, अगर हम भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों और खतरें की बात करें तो कट्टरता सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है। कट्टरता ट्रांसनेशनल फिनोमिनन है। अगर हमने इस पर लगाम नहीं लगाई तो यह आतंकवाद में बदल जाएगा। गृह मंत्रालय में एडवाइजर अशोक प्रसाद ने हाल ही में कहा था कि बांग्लादेश में स्थित जमियत उल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठन भारत के सीमावर्ती जिलों में युवाओं को कट्टरता की ओर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। 




त्यांसोंग ने कहा,जहां तक मेघालय सरकार की बात है तो हम इस पर प्रो एक्टिव हैं और इस मसले को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। त्यांसोंग ने कहा कि राज्य और केन्द्र की सुरक्षा एजेंसिया 24 घंटे काम कर रही है। हालांकि कुछ इलाकों में सुरक्षा में खामियां हैं लेकिन इंसान ही गलतियां करते हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा था कि ज्यादातर नॉर्थ ईस्ट मिलिटेंसी से फ्री है। अवैध हथियारों का फैलाव एक बड़ी समस्या थी जिसे टैकल किए जाने की जरूरत है।