पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रोहिंग्या हैं बड़ी समस्या

Daily news network Posted: 2017-09-16 12:09:38 IST Updated: 2017-09-16 12:09:38 IST
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रोहिंग्या हैं बड़ी समस्या
  • नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचलप्रदेश और मिजोरम के सीमा पर म्यांमार से पलायित रोहिंग्या मुस्लमानों को रोकने के लिये केंद्र सरकार के साथ साथ राज्य सरकार भी सख्त हैं.

नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचलप्रदेश और मिजोरम के सीमा पर म्यांमार से पलायित रोहिंग्या मुस्लमानों को रोकने के लिये केंद्र सरकार के साथ साथ राज्य सरकार भी सख्त हैं. जिसको लेकर भारत से लगने वाली म्यांमार की सभी सीमाओं पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गयी है. 

इसी बीच नागालैंड की हो-हो जनजातियों ने आरोप लगाया है कि नागालैंंड में भारी संख्या में अवैधानिक रुप से शरणार्थियों का आप्रवासन जारी है.



अगर सरकार अवैधानिक रुप से शरणार्थियों के संबंध में सही व कठोर निर्णय नही लेती है तो म्यांमार की समस्या नागालैंड को दीर्घकाल तक प्रभावित करेगी और आने वाले समय में इससे आम लोगो का जनजीवन भी प्रभावित होगा। 



रुप्ये की मांग हेतु भीख के कटोरे लेकर दिल्ली जाने के बजाय हमारे राज्य के लिये जागने का सही समय है नागालैंड में अवैधानिक प्रवासन अंतःप्रवाह आर्थिक अभिशाप है सरकार को आंख मूंद लेना चाहिये.


अवैधानिक रुप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर देशांतर में बसने के लिये म्यांमार सीमा पार करने को रोकने हेतु केंद्र ने असम राईफल को सख्त निर्देश जारी किया है.इंडो-म्यांमार सीमा पर पैट्रोलिंग जारी रहने के कारण एक भी अवैध देशांतर की घट्ना नही हुई है, फिर भी दक्षिण मिजोरम और मणिपुर के मोरेह को उच्च प्राथमिकता दी गई है.



आपको बता दें की पूर्वोत्तर में चार राज्य अरुणाचल प्रदेश (520 किलोमीटर), मणिपुर (398 किलोमीटर), मिजोरम (510किलोमीटर), नागालैंड (215किलोमीटर) की खुली सीमा म्यांमार के साथ लगती है.