बड़ा खुलासा: भारत के इस राज्य पर हमला करने की तैयारी में हैं रोहिंग्या विद्रोही

Daily news network Posted: 2017-10-13 09:43:38 IST Updated: 2017-10-13 09:43:38 IST
बड़ा खुलासा: भारत के इस राज्य पर हमला करने की तैयारी में हैं रोहिंग्या विद्रोही
  • नागालैंड पुलिस के खुफिया विभाग की मानें तो रोहिंग्या मुस्लिम यहां के लोगों पर कभी भी हमला कर सकते हैं।

कोहिमा।

नागालैंड पुलिस के खुफिया विभाग की मानें तो रोहिंग्या मुस्लिम यहां के लोगों पर कभी भी हमला कर सकते हैं। नागालैंड खुफिया सूत्रों की मानें तो दीमापुर के इमाम रोहिंग्या विद्रोहियों के संपर्क में हैं। इतना ही नहीं विद्रोहियों ने बांग्लादेश से बड़ी मात्रा में गोला और बारूद भी इकट्ठा करना शुरु कर दिया है, ताकि वे हमला कर सकें।


अधिकारियों के मुताबिक अगर नगालैंड के लोगों ने रोहिंग्याओं को देश से बाहर भेजने की कोशिश की तो 2 हजार मुस्लिम नगा लोगों के खिलाफ हथियार उठाने को तैयार हैं। इमाम हेबरॉन और कहोई कैंपों पर हमले की योजना बना रहे हैं ताकि नगालैंड पर कब्जा करना आसान हो। इतना ही नहीं आईएसआई के करीब 20 आतंकवादी नगालैंड में घुस चुके हैं और अन्य वॉलनटिअर्स को प्रशिक्षण दे रहे हैं। पूरे नगालैंड में आत्मघाती हमले और बम धमाके करने की योजना है।


प्रशासन ने दीमापुर में रह रहे मुस्लिमों पर नजर रखने के आदेश दिए हैं। रोहिंग्याओं की तरफ से हमले की आशंका को देखते हुए बीएसएफ  के रिटायर्ड जनरल वीके गौड़ ने बताया कि रेफ्यूजी कैंपों के आसपास सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है ताकि वैश्विक राहत एजेंसियों के लोगों को कैंप में जाने से रोका जा सके। हालांकि, पहले से ही कुछ कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन कैंपों में सक्रिय हो चुके हैं।


गौड़ ने बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान का जमात-उद-दावा, अल-कायदा, जमात-ए-इस्लामी, छत्र शिबिर, आईएसआई और कुछ अन्य इस्लामिक समूह राहत कर्मचारियों के वेश में कैंपों में घुसे हैं और इस्लामिक देशों के लिए राहत के सामानों के साथ भी छेड़छाड़ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने बड़ी संख्या में युवा शरणार्थियों को हथियार ट्रेनिंग देने के लिए चुना है। यह कहने की जरूरत नहीं कि हमारी सेना में ही कुछ लोग हैं जो आईएसआई के समर्थक हैं और भारत-बांग्लादेश की दोस्ती के खिलाफ हैं।


भारत-बांग्लादेश के बीच 4 हजार 96 किलोमीटर लंबी सीमा पर ऐसी 140 जगहें चिह्नित की गई हैं, जहां से रोहिंग्या भारत में घुस सकते हैं। बता दें कि रोहिंग्या समुदाय को 1982 में म्यांमार ने नागरिक मानने से इनकार कर दिया था और उन्हें बांग्लादेश से आए अवैध शरणार्थी बताया था।