असम में कांग्रेस को तगड़ा झटका, भाजपा में शामिल होंगे पूर्व मंत्री गौतम रॉय!

Daily news network Posted: 2017-07-18 11:41:13 IST Updated: 2017-07-18 11:54:58 IST
असम में कांग्रेस को तगड़ा झटका, भाजपा में शामिल होंगे पूर्व मंत्री गौतम रॉय!
  • असम में कांग्रेस को तगड़ा झटका लग सकता है। पूर्व मंत्री गौतम रॉय ने भाजपा में शामिल होने के संकेत दिए हैं।

सिलचर।

असम में कांग्रेस को तगड़ा झटका लग सकता है। पूर्व मंत्री गौतम रॉय ने भाजपा में शामिल होने के संकेत दिए हैं। रॉय ने 2019 के लोकसभा चुनाव में दक्षिण असम के सिलचर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लडऩे का भी संकेत दिया है। रॉय से जब पूछा गया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें सिलचर से टिकट दिया तो वह लड़ेंगे तो उन्होंने कहा, समय बताएगा।


जब रॉय से पूछा गया कि सिलचर के निवासी आपको उनका प्रतिनिधि क्यों स्वीकार करें तो उन्होंने कहा,मैंने लोगों के लिए बहुत काम किया है। कछार कैंसल अस्पताल, बांग्ला भवन और चिल्ड्रन्स पार्क के लिए जमीन की व्यवस्था की और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को वित्तीय मदद मुहैया कराई। सिलचर से भाजपा विधायक और असम विधानसभा के डिप्टी स्पीकर दिलीप कुमार पॉल ने एक समाचार पत्र से कहा, पार्टी ने विभिन्न

राजनीतिक दलों के कई सदस्यों और नेताओं को शामिल किया है। कोई भी पार्टी में शामिल होने की इच्छा व्यक्त कर सकता है।


रॉय के आगामी लोकसभा चुनाव में सिलचर से चुनाव लडऩे की इच्छा पर पॉल ने कहा, रॉय ने सिलचर के नागरिकों के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने अपने पॉकेट से भी वित्तीय मदद की है। कुछ लोग सोचते हैं कि पैसे से सब कुछ खरीदा जा सकता है,यह सही नहीं है। रॉय ने डी-वोटर्स और एनआरसी के मसले पर सरकार के रूख पर नाखुशी जाहिर की है। इस पर पॉल ने पूछा, कांग्रेस ने पिछले 60 सालों में क्या किया है। डी वोटर्स और एनआरसी का मसला नया नहीं है। यह समस्या 70 साल पुरानी है। कांग्रेस ने देश पर 60 साल राज किया है। कांग्रेस ने इस संबंध में कुछ नहीं किया। अब वह भाजपा सरकार पर सवाल खड़े कर रही है।



पॉल ने कहा कि 70 साल पुरानी समस्या का हल आसान नहीं है। हालांकि सरकार प्रत्येक वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिलचर से सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि भारत स्वतंत्र देश है। रॉय को जो पसंद है वह करने के लिए स्वतंत्र है। गौरतलब है कि मणिपुर में भी कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। पार्टी के 8 विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं। मार्च में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी,इसके बावजूद वह सरकार नहीं बना पाई। भाजपा 21 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। इसके बावजूद उसने एनपीपी और एनपीएफ के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बना ली। कांग्रेस के विधायकों की संख्या 20 रह गई है।