पाक परस्त गिलानी के पोते को नियमों में ढील देकर दी गई सरकारी नौकरी

Daily news network Posted: 2017-03-04 15:04:50 IST Updated: 2017-03-04 17:52:14 IST
पाक परस्त गिलानी के पोते को नियमों में ढील देकर दी गई सरकारी नौकरी
  • जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी की सरकार ने पाकिस्तान समर्थक व अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के पोते को नियमों में ढील देकर सरकारी नौकरी दी है।

श्रीनगर।

जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी की सरकार ने पाकिस्तान समर्थक व अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के पोते को नियमों में ढील देकर सरकारी नौकरी दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्र के हवाले से बताया कि गिलानी के पोते अनीस उल इस्लाम को जम्मू कश्मीर पर्यटन विभाग की सहयोगी शाखा शेर ए कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेक्शन कॉम्प्लेक्स में रिसर्च ऑफिसर के तौर पर नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति में राज्य सरकार ने कई नियमों का उल्लंघन किया है।



अनीस को दी गई इस पेंशन वाली नौकरी का सालाना वेतन 12 लाख रुपए है। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर राज्य पासपोर्ट ऑफिस ने 2009 में अनीस को पासपोर्ट देने से मना कर दिया था लेकिन बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर उसे पासपोर्ट दिया गया था। इसके बाद अनीस एक बार फिर एमबीए करने के लिए यूके चला गया था। अनीस ने पंजाब के जालंधर से भी एमबीए किया है। सूत्र ने बताया कि राज्य पर्यटन विभाग सीधे मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती संभालती है और विभाग ने इस पोस्ट पर नियुक्ति के लिए आवेदन जम्मू कश्मीर स्टेट सबऑर्डिनेट सर्विसेज रिक्रूमेंट बोर्ड या पब्लिक सर्विस कमीशन के पास नहीं भेजा जो कि नियुक्ति प्रक्रिया का आवश्यक अंग है।



पर्यटन सचिव फारूख शाह का कहना है कि गिलानी के पोते की नियुक्ति सभी नियम प्रक्रियाओं के तहत की गई है। उन्होंने कहा,हमने आवेदन आमंत्रित किए थे जिसमें अनीस को इस पोस्ट के लिए उपयुक्त पाया गया। वहीं एसकेआईसीसी ने बताया कि पर्यटन सचिव ने काफी पहले अनीस को नियुक्त कर दिया था लेकिन विभाग ने अनीस को उस वक्त जगह देने का निर्णय लिया जब गिलानी ने कश्मीर में बंद ,विरोध और हिंसा का आह्वान किया। अभी भी अनीस का सीआईडी वैरिफिकेशन नहीं हुआ है और उसे सैलरी नहीं मिल रही है। उसे यह सैलरी वैरिफिकेशन पूरी होने के बाद ही मिलेगी।



वहीं इस पद के आवेदन करने वाले एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि अक्टूबर 2016 में एसकेआईसीसी ने उसका आवेदन स्वीकार कर लिया था लेकिन उसे इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया। इस पद के लिए कुल 140 आवेदन आए थे। कुछ खासलोगों को छोड़कर ज्यादातर आवेदकों को साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया। उल्लेखनीय है कि गिलानी की एक पोती एक एयरलाइंस में क्र मेंबर के तौर पर काम करती है। गिलानी का बेटा नईम डॉक्टर है। पहले वह सरकारी स्वास्थ्य सेवा विभाग में नौकरी करता था। नईम की बड़ी लड़की पिछले साल अक्टूबर 2016 में परीक्षाओं में बैठी थी जबकि उस वक्त गिलानी ने स्कूल बंद करने और स्कूलों के बहिष्कार का आह्वान किया था।