असम के कैश फॉर जॉब घोटाले में तरुण गोगोई के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Daily news network Posted: 2017-11-15 12:30:28 IST Updated: 2017-11-15 12:30:28 IST
असम के कैश फॉर जॉब घोटाले में तरुण गोगोई के खिलाफ एफआईआर दर्ज
  • असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब घोटाले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की मुश्किलें बढ़ सकती है।

गुवाहाटी।

असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब घोटाले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की मुश्किलें बढ़ सकती है। तरुण गोगोई के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। गोगोई पर कैश फॉर जॉब घोटाले में पूरी तरह शामिल होने का आरोप लगाया गया है। सचेतन नागरिक मंच ने मंगलवार को दिसपुर पुलिस थाने में पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। संगठन का आरोप है कि तरुण गोगोई कैश फॉर जॉब घोटाले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। उन्हें भी जांच प्रक्रिया के दायरे में लाए जाने की जरूरत है। संगठन का कहना है कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री अनुमति नहीं देते तो घोटाला कभी संभव नहीं था, इसलिए उन्हें भी जांच के दायरे में लाए जाने की जरूरत है। सचेतन नागरिक मंच की मांग है कि इस संबंध में जल्द से जल्द जांच की जरूरत है।

सूत्रों का कहना है कि संगठन ने तरुण गोगोई पर न केवल कैश फॉर जॉब घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है बल्कि  उन पर 34 करोड़ के डीआरपीआर घोटाले में भी शामिल होने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि इस घोटाले में भी गोगोई की भूमिका की जांच किए जाने की जरूरत है। आपको बता दें कि मंगलवार को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब घोटाले में मुख्य आरोपी राकेश कुमार पॉल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। राकेश पॉल को पिछले साल 4 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। राकेश पॉल पर आरोप है कि उन्होंने पैसे लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को नियुक्तियां दी थी। पॉल की गिरफ्तारी असम पब्लिक सर्विस कमीशन के दो सदस्यों समेदुर रहमान और बसंता कुमार डोले की गिरफ्तारी के बाद हुई थी।

असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने बताया था कि असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल से 50 लाख रुपए जब्त किए गए थे। उनकी कुछ बेनामी संपत्तियों की भी पहचान हुई है। कैश फॉर जॉब घोटाले में आरोपी व पूर्व मंत्री निलमणि सेन डेका के बेटा आर.सेन डेका ने सोमवार को पुलिस के सामने सरेंडर किया था। डेका पिछले सात दिन से फरार था। सोमवार को उसने गुवाहाटी के काहिलीपारा में असम पुलिस की स्पेशल ब्रांच के समक्ष सरेंडर किया। पिछले सप्ताह असम पुलिस ने कैश फॉर जॉब घोटाले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया था। गत शुक्रवार तक पुलिस 25 आरोपियों में से 21 को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें असम सिविल सर्विस, असम पुलिस सर्विस के अधिकारी शामिल हैं।

इन सभी ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार पॉल व उसके सहयोगियों को घूस देकर सरकारी नौकरियां प्राप्त की थी। असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने शनिवार को बताया कि कैश फॉर जॉब घोटाले में पुलिस ने अभी तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को असम के चार और सिविल सर्विसेज के अधिकारियों की तलाश है जो कथित रूप से घोटाले में शामिल है। पुलिस ने पहले 2015 बैच के 25 अधिकारियों की पहचान की थी जिन्होंने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के अधिकारियों को घूस देकर जाली उत्तर कुंजियों के जरिए सरकारी नौकरी प्राप्त की थी। 25 में से 13 असम सिविल सर्विसेज और सात असम पुलिस सर्विस के अधिकारी हैं। अन्य एलाइड सिर्विसेज से हैं। डीजीपी मुकेश सहाय ने कहा, जांच सही दिशा में पारदर्शी तरीके से चल रही है। उनके खिलाफ स्वीकार योग्य और विश्वस्त सबूत हैं।