इस बैंक में है आपका खाता तो यह खबर आपको जानना जरूरी है

Daily news network Posted: 2017-04-17 16:35:31 IST Updated: 2017-04-17 16:35:31 IST
इस बैंक में है आपका खाता तो यह खबर आपको जानना जरूरी है
  • एसबीआई ने कहा है कि वह कुछ खास प्रकार के खातों वाले उसके ग्राहकों को औसत मंथली बैलेंस बनाए रखने के नियम से कुछ छूट दे रहा है।

नई दिल्ली।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(एसबीआई) ने अपने अकाउंट होल्डर्स को बड़ी राहत दी है। एसबीआई ने कहा है कि वह कुछ खास प्रकार के खातों वाले उसके ग्राहकों को औसत मंथली बैलेंस बनाए रखने के नियम से कुछ छूट दे रहा है। इन खातों में शामिल है छोटे बचत खाते, बेसिक सेविंग्स खाते,जन धन खाते और कॉर्पोरेट सैलरी अकाउंट होल्डर्स अकाउंट। एसबीआई ने एक ट्वीट के जरिए यह बात कही है। 


बता दें कि पांच बैंकों में विलय के साथ ही एसबीआई ने नई ब्रैंडिंग पहचान बनाई है। 1 अप्रेल से एसबीआई के सेविंग खातों में न्यूनतम बैलेंस सीमा बढ़ा दी गई जिसका असर इसके 31 करोड़ खाताधारकों जिनमें पेंशनर्स से लेकर छात्र छात्राएं तक हैं,पर पड़ा। पांच सहयोगी बैंकों के विलय के बाद अब यह बैंक एक बैंक के तौर पर काम कर रहा है। विलय के बाद एसबीआई के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ हो गई है। अब मासिक आधार पर 6 महानगरों में एसबीआई की शाखा में अपने खाते में 5 हजार रुपए रखने होंगे। 

वहीं शहरी और अर्ध शहरी शाखाओं के लिए क्रमश: न्यूनतम राशि सीमा 3 हजार रुपए और 2 हजार रुपए रखी गई है। ग्रामीण शाखाओं के मामले में न्यूनतम राशि 1 हजार रुपए तय की गई है। एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक एसबीआई के बचत खाताधारकों को मासिक आधार पर न्यूनतम राशि को अपने खाते में रखना होगा। ऐसा नहीं होने पर उन्हें 20 रुपए(ग्रामीण शाखा) से 100 रुपए(महानगर) देने होंगे। बैंक में 31 मार्च तक बिना चेक बुक वाले बचत खाते में 500 रुपए और चेक बुक की सुविधा के साथ 1 हजार रुपए रखने की आवश्यकता थी। 


पांच साल के अंतराल के बाद एसबीआई ने एक अप्रेल से खातों में मिनिमम बैलेंस नहीं रहने पर पेनल्टी वसूलनी शुरू की। खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रहने पर जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की यह राशि न्यूनतम बैलेंस और खातों में कम रह गई रकम के अंतर के आधार पर तय की जाएगी। एसबीआई ने इस बाबत एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा था कि महानगरों में अगर खातों में उपलब्ध राशि न्यूनतम बैलेंस के मुकाबले 75 फीसदी से अधिक कम होगी तो 100 रुपए जुर्माना और इस पर सर्विस टैक्स जोड़कर वसूला जाएगा।