त्रिपुरा में घुस गए रोहिंग्या मुसलमान, जानिए फिर क्या हुआ

Daily news network Posted: 2017-09-16 13:31:58 IST Updated: 2017-09-16 13:31:58 IST
त्रिपुरा में घुस गए रोहिंग्या मुसलमान, जानिए फिर क्या हुआ
  • त्रिपुरा के खोवई अगरतला रोड पर शुक्रवार को चार रोहिंग्या मुस्लिम पकड़े गए। इनमें नाबालिग भी शामिल हैं।

अगरतला। त्रिपुरा के खोवई अगरतला रोड पर शुक्रवार को चार रोहिंग्या मुस्लिम पकड़े गए। इनमें नाबालिग भी शामिल हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद त्रिपुरा सरकार ने शनिवार को अलर्ट जारी किया। पुलिस के मुताबिक प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि रोहिंग्या मुस्लिम म्यांमार से भागकर बांग्लदेश गए और शुक्रवार सुबह उन्होंने पश्चिम त्रिपुरा के खोवई में प्रवेश के लिए भारत बांग्लादेश सीमा पार की। बाद में दोपहर को जब वे एक कार हायर कर अगरतला की ओर जा रहे थे तभी रोड पर पुलिस के वाहन से उनकी कार की टक्कर हो गई। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। 


पुलिस ने कार से चार लोगों को गिरफ्तार किया0 और उन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया और नाबालिगों को अगरतला के जुवेनाइल होम में भेज दिया। गिरफ्तार किए गए लोगों से जो जानकारी मिली है, उससे पुलिस को राज्य में कुछ और रोहिंग्या मुस्लिमों की मौजूदगी की आशंका है। इसी बीच राज्य के गृह विभाग को मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स से एडवाइजरी मिली है। ये एडवाइजरी रोहिंग्या मुस्लिमों पर कड़ी निगरानी के संबंध में है।

 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक बीएसएफ ने भारत बांग्लादेश सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही असम राइफल्स को कंचनपुर में त्रिपुरा मिजोरम सीमा से लगे उनके अधिकार वाले इलाकों में ज्यादा सतर्क रहने को कहा गया है। साथ ही पश्चिम त्रिपुरा की कुछ और जगहों पर भी असम राइफल्स के जवानों को कड़ी निगरानी के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य में घुसपैठ की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए अन्य सुरक्षा बलों को भी अलर्ट पर रखा गया है। 


रोहिंग्या मुस्लिमों की घुसपैठ की आशंका के चलते असम राइफल्स अथॉरिटी अलग से मिजोरम म्यांमार सीमा पर स्थिति की समीक्षा कर रही है। उसने शुक्रवार को एक्शन प्लान भी तैयार किया। आपको बता दें कि म्यांमार और बांग्लादेश सीमा से लगे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में रोहिंग्या मुस्लिमों को देश में प्रवेश से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। 


असम राइफल्स के पुलिस महानिरीक्षक मेजर जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आईजोल में संवाददाताओं को बताया कि सीमांत इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद करने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स की आठ कंपनियों को तैनात किया गया है। द्विवेदी ने कहा कि मिजोरम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के साथ म्यांमार की सीमा खुली है इसलिए सुरक्षा बलों को यहां हर वक्त तैनात रखा गया है और रोहिंग्या समुदाय को अवैध रूप से भारत में आने से रोकने के लिए हवा से भी निगरानी रखी जा रही है। 


रोहिंग्या संकट के चलते गुरुवार को 23 असम राइफल्स के आईजोल स्थित मुख्यालय में कई सुरक्षा अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें असम राइफल्स, बीएसएफ, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और राज्य पुलिस और कई खुफिया एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे। पूर्वोत्तर में चार राज्य अरुणाचल प्रदेश(520 किलोमीटर), मणिपुर(398 किलोमीटर), मिजोरम(510 किलोमीटर) और नागालैंड(215 किलोमीटर) की खुली सीमा म्यांमार से लगती है। इस 1643 किलोमीटर के बिना घेराबंदी की सीमा पर 16 किलोमीटर भूभाग फ्री जोन है, जिसमें दोनों तरफ आठ आठ किलोमीटर की सीमाएं शामिल है। भारत और बांग्लादेश के बीच 4096 किलोमीटर की सीमा है। जिसमें अधिकतर भाग नदियों, पहाड़ों और खुली सीमा से लगी हुई है। इस वजह से अवैध घुसपैठियों और तस्करों को यहां आने में ज्यादा मुश्किल नहीं होती।