मुआवजे में विलंब, असम सरकार को कारण बताओ नोटिस

Daily news network Posted: 2017-05-19 12:03:02 IST Updated: 2017-05-19 12:03:02 IST
मुआवजे में विलंब, असम सरकार को कारण बताओ नोटिस
  • आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एचएल दत्तू के अनुसार राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन राज्य सरकार का विषय है।

गुवाहाटी।

डायनी हत्याकांड जैसी वीभत्स घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मानव अधिकारों के उल्लंघन मामलों में राज्य सरकार के अधिकारियों के प्रयासों को सराहा है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एचएल दत्तू के अनुसार राज्य मानवाधिकार आयोग का गठन राज्य सरकार का विषय है। इस मामले में राष्ट्रीय आयोग उसे कोई निर्देश नहीं दे सकता।



तकरीबन पांच साल बाद आए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पिछले दो दिनों में यहां असम प्रशासनिक महाविद्यालय परिसर में कई मैराथन बैठकें की। इस दौरान आयोग ने असम और मेघालय राज्यों से जुड़े मानवाधिकार मामलों पर विस्तार से समीक्षा की। इसके पहले आयोग 2012 में यहां आया था। दो दिवसीय सेमिनार की समाप्ति पर पत्रकारों से बातचीत में असम राज्य मानवाधिकार आयोग में पिछले एक साल से कोई अध्यक्ष नहीं होने के सवाल पर आयोग के अध्यक्ष से एक्ट का हवाला देते हुए लाचारी जताई। उन्होंने कहा कि इस बारे में राज्य सरकार को ही पहल करनी होगी। राष्ट्रीय आयोग इसके लिए राज्य को निर्देशित नहीं कर सकता, क्योंकि राज्य मानवाधिकार आयोग उनका मातहत नहीं है।



इसके अलावा आयोग ने पुलिस हिरासत में हुए एक मौत के मामले में  असम सरकार को कारण बताओ नोटिस भी दिया है। उसमें पूछा गया है कि घायल के लिए पचास हजार रुपए के अलावा मृतक के आश्रित को तीन लाख रुपए की क्षतिपूर्ति क्यों नहीं दी गई। आयोग के जांच  डिवीजन के 13 मामलों में हासिल रिपोर्ट को अपने विश्लेषण के लिए रिकॉर्ड में रख लिया है।