गोरखालैंड आंदोलन के बीच दार्जीलिंग के सिक्किम में विलय की उठी मांग

Daily news network Posted: 2017-06-18 16:13:23 IST Updated: 2017-06-18 16:13:23 IST
गोरखालैंड आंदोलन के बीच दार्जीलिंग के सिक्किम में विलय की उठी मांग
  • गोरखालैंड की मांग के बीच अब दार्जीलिंग जिले को सिक्किम में विलय करने की सुगबुगाहट भी शुरू हो गयी है

सिलीगुड़ी।

गोरखालैंड की मांग के बीच अब दार्जीलिंग जिले को सिक्किम में विलय करने की सुगबुगाहट भी शुरू हो गयी है। इस पुरानी मांग को लेकर सिक्किम-दार्जीलिंग एकीकरण मंच फिर से सक्रिय हो गया है। मंच के अध्यक्ष कृष्णा प्रसाद शर्मा और सचिव जगत चौहान इस संबंध में प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी। 



कृष्णा प्रसाद शर्मा ने कहा कि दार्जीलिंग को सिक्किम में विलय करने की मांग वर्षों पुरानी है। दार्जिलिंग पार्वतीय क्षेत्र सिक्किम का ही हिस्सा है, इसका इतिहास गवाह है। ऐतिहासिक समझौते के तहत 1841 साल तक दार्जीलिंग सिक्किम को लगान देता था। बाद में अंग्रेजों ने दार्जीलिंग को सिक्किम से अलग कर दिया। तभी से दार्जीलिंग बंगाल का हिस्सा हो गया है, लेकिन बंगाल सरकार ने कभी भी दार्जीलिंग पर्वतीय क्षेत्र का चहुमुखी विकास नहीं किया, बल्कि उसे राजनैतिक अखाड़ा बना कर रख दिया गया है।



शर्मा का कहना है कि अगल गोरखालैंड राज्य बनाने की आवाज को दबाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हिटलरशाही पर उतर आयी हैं, जो सही नहीं है। जगत चौहान ने कहा कि दार्जीलिंग के विकास को लेकर पूरे जिले को सिक्किम में वापस विलय करने के लिए गोरखा राष्ट्रीय कांग्रेस का एक प्रतिनिधि दल ने हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री के अलावा अन्य कई मंत्रियों से भी मुलाकात की थी। उन लोगों ने इस मांग को जायज ठहराया था।