सोनू निगम के समर्थन में कुमार विश्वास, अनुपम खेर ने कहा, बंदे में है दम

Daily news network Posted: 2017-04-20 16:01:15 IST Updated: 2017-04-20 16:01:15 IST
सोनू निगम के समर्थन में कुमार विश्वास, अनुपम खेर ने कहा, बंदे में है दम

नई दिल्ली/मुंबई।

घर के पास स्थितमस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर से अजान की आवाज को लेकर ट्वीट करने के बाद से सुर्खियों में रहने वाले बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम को आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास का भी साथ मिला है। 

उन्होंने बेहद मजाकिया अंदाज में सोनू निगम को शाबासी दी है। कुमार विश्वास ने ट्वीट किया,आपके सच्चे दिल का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता दोस्त सोनू निगम। खुद की जुल्फें गिराकर नफरत का मुंडन करा ही दिया। सोने ने ट्वीट का जवाब देते हुए कहा,आपको प्यार भाई। अपने एक अन्य ट्वीट में कुमार विश्वास ने मशहूर शायर जॉन एलिया की शायरी शेयर करते हुए कहा,अपने सर इक बला तो लेनी थी,मैंने वो जुल्फ अपने सर ली है।


सोनू निगम को भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता तजिंदर पाल बग्गा का भी समर्थन मिला है। बग्गा ने लिखा,सोनू निगम जी के ट्वीट पर जिस तरीके से विरोध/फतवे जारी किए जा रहे हैं,लगता है सही में इन्टॉलरेंस बढ़ गई है। मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने भी सोनू निगम की तारीफ की है। अनुपम खेर ने ट्वीट किया,बंदे में है दम,जय हो सोनू निगम। सोनू निगम ने 18 अप्रेल को ट्वीट किया था,मैं मुसलमान नहीं हूं फिर भी मुझे मस्जिद की अजान की आवाज से जगना पड़ता है। यह जबरन धार्मिकता कब रूकेगी। सोनू निगम ने इसे गुंडागर्दी बताया था। 


इससे भड़के पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक परिषद के उपाध्यक्ष सैयद शाह अतेफ अली अल कादरी ने फतवा दिया था कि कोई व्यक्ति सोनू निगम का सिर मुंडवाएगा,फटे जूतों की माला पहनाएगा और पूरे देश में घुमाएगा तो वे उसे 10 लाख रुपए बतौर इनाम देंगे। अपने ट्वीट पर मचे बवाल के बाद सफाई देने के लिए सोनू निगम ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई। उसी दौरान उन्होंने सिर मुंडवा कर सभी को चौंका दिया। सोनू निगम ने मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट आलिम हकीम को घर बुलाकर अपना सिर मुंडवाया। 


सोनू निगम ने सफाई दी,मैंने तो सिर्फ लाउड स्पीकरों के इस्तेमाल के खिलाफ बोला था। हर किसी को अपनी राय जाहिर करने का हक है। मुझे अपनी राय जाहिर करने का हक है और इसे गलत तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए। लाउडस्पीकर की कोई जरूरत नहीं है। वे किसी धर्म का हिस्सा नहीं है। मेरा मकसद किसी की भावना को आहत करना नहीं था। अगर मैंने कुछ गलत किया है तो कृपया मुझे माफ कर दें। मेरी मंशा एक सामाजिक विषय पर बात करने की थी,न कि धार्मिक विषय पर। एक खास ट्वीट पर जोर देना गलत है। लोगों ने मेरे एक ट्वीट को हाथों हाथ ले लिया,जिसमें मैंने गुंडागर्दी का जिक्र किया था।