असम: उतारे गए थे लड़की के कपड़े, फेसबुक पर तस्वीरें हुई शेयर, योगी के खिलाफ एफआईआर

Daily news network Posted: 2017-06-19 10:54:43 IST Updated: 2017-06-19 10:54:43 IST
असम: उतारे गए थे लड़की के कपड़े, फेसबुक पर तस्वीरें हुई शेयर, योगी के खिलाफ एफआईआर
  • असम में छात्रों की एसोसिएशन ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। 2007 में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक आदिवासी लड़की के कपड़े उतार दिए गए थे।

गुवाहाटी। असम में छात्रों की एसोसिएशन ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। 2007 में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक आदिवासी लड़की के कपड़े उतार दिए गए थे। उस लड़की की तस्वीरें एक फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट की गई। यह अकाउंट यूपी के मुख्यमंत्री योगी के नाम और तस्वीर वाला है। 


स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने मोरानहाट पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ असम का आरोप है कि तस्वीरों ने न केवल पुराने जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है बल्कि इससे पीडि़ता के खुशहाल परिवार को खतरे में डाल दिया है। स्टूडेंट्स एसोसिएशन के महासचिव देबेन ओरगांग ने कहा,घटना निश्चित रूप से पूरे समुदाय का अपमान है लेकिन 10 साल बाद तस्वीरों को शेयर करना गंभीर अपराध है। घटना के बाद वह और उसका परिवार पूरी तरह हिल गया था लेकिन किसी तरह संभला और लड़की की शा हो गई। उसके एक बेटी भी है लेकिन फिर से पुराने जख्मों को कुरेदा जा रहा है। यह अस्वीकार्य है इसलिए हमने पुलिस कार्रवाई की मांग की है। 


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे फेसबुक अकाउंट ऑपरेट करने वाले व्यक्ति या ग्रुप के बारे में पता करने की कोशिश कर रहे हैं। पोस्ट में कहा गया है कि लड़की के सार्वजनिक रूप से कपड़े उतारे गए और पिटाई की गई क्योंकि वह कांग्रेस की ओर से आयोजित रैली में भाजपा के समर्थन में नारे लगा रही थी। इस पोस्ट ने उस वक्त सभी लोगों का ध्यान खींचा जब तेजपुर से भाजपा सांसद आर.पी.शर्मा ने इसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया। जब शर्मा से पूछा गया है कि क्या उन्होंने जानबूझकर पोस्ट शेयर की है तो उन्होंने कहा, हां। मैंन की है। घटना कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुई थी लेकिन सभी दोषियों की अभी तक सजा नहीं हुई है। लोगों को इसे नहीं भूलना चाहिए और इसके खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग करते रहना चाहिए। 


ऑल  आदिवासी स्टूडेंट्स यूनियन ने 24 नवंबर 2007 को बेलतोला चरियाली में रैली निकाली थी। रैली आदिवासियों को एसटी का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर निकाली गई थी। रैली उस वक्त हिंसक हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और वाहनों में आग लगा दी। कुछ लोगों के समूह ने लड़की का पीछा किया। उसके कपड़े उतार दिए और कई और लोगों के साथ लड़की को पीटा। एसोसिएशन सोमवार से राज्य के विभिन्न इलाकों में आदित्यनाथ के पुतले जलाएगा। प्रदीप नाग के नेतृत्व वाले गुट ने दरांग,धुबरी और नगांव जिलों में आदित्यनाथ के पुतले फूंके। असम पीसीसी चीफ ने कहा कि इस पोस्ट ने लड़की को अनावश्यक विवाद में घसीट लिया है। उसने चौंकानी वाली घटना के बाद नई जिंदगी शुरू की थी। एपीसीसी के प्रवक्ता दुर्गादास बोरो ने एक बयान में कहा कि आदित्यनाथ और भाजपा ने घटना के जरिए अपना असल चेहरा उजागर कर दिया है।