तरुण अग्रवाल ने मेघालय के मुख्य न्यायाधीश की शपथ ली, जानिए इनके बारे में खास बातें

Daily news network Posted: 2018-02-13 08:47:02 IST Updated: 2018-02-13 08:47:02 IST
तरुण अग्रवाल ने मेघालय के मुख्य न्यायाधीश की शपथ ली, जानिए इनके बारे में खास बातें
  • न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल ने सोमवार को मेघालय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली

शिलांग।

न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल ने सोमवार को मेघालय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल को राजभवन में मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। इससे पहले वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे।


न्यायमूर्ति अग्रवाल मेघालय में न्यायमूर्ति दिनेश महेश्वरी की जगह मुख्य न्यायाधीश बनाए गए हैं। न्यायमूर्ति दिनेश महेश्वरी को कर्नाटक उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के मुख्य सचिव वाई. त्सेरिंग, पुलिस महानिदेशक स्वराज बीर सिंह और मेघालय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. आर. सेन मौजूद थे।

गौरतलब है कि  वरिष्ठ न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल को इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कक्ष में गुरुवार को फुलकोर्ट रिफरेंस फेयरवेल में भावभीनी विदाई दी गई थी। फुलकोर्ट रिफरेंस में मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले समेत न्यायमूर्तिगण, न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, एडवोकेट एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी, काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।


समारोह में न्यायमूर्ति अग्रवाल की पत्‍‌नी प्रोफेसर स्मिता अग्रवाल भी मौजूद थीं। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायमूर्ति अग्रवाल के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रकुमार चतुर्वेदी, एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके जैन ने विचार व्यक्त किए। न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कहा कि जन्म के बाद से उन्होंने हाईकोर्ट भवन के गुंबद पर राष्ट्रीय ध्वज लगाते देखा है और इसी कोर्ट में जज बनने का सौभाग्य मिला।


आपको बता दें कि जस्टिस तरुण अग्रवाल का जन्म इलाहाबाद में 3 मार्च 1956 को हुआ था और मौजूदा समय में भी वह इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने न्याय मार्ग पर अपने बंगले में रहते हैं। इन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से 1978 में आर्टस से स्नातक के बाद एलएलबी की डिग्री हासिल की। 9 दिसंबर 1981 को बतौर एडवोकेट उन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन कराया और इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की।


उन्होंने अपना करियर वकालत से शुरू किया आैर जल्द ही सिविल लॉ के साथ संवैधानिक, टैक्स, लेबर, कॉर्पोरेट अफेयर्स मैटर, टेस्टामेंट्री के अच्छे वकीलों में गिने जाने लगे और विधि विशेषज्ञ के तौर पर इनकी ख्याति लगातार बढ़ती रही।7 जनवरी 2004 को यह एडिशनल जज के रूप में इलाहाबाद हाईकोर्ट में नियुक्त हुए और 18 अगस्त 2005 को इन्हें परमानेंट तौर पर जस्टिस के पद पर शपथ दिलाई गई।


उत्तराखंड हाईकोर्ट में रहे एक्टिंग चीफ जस्टिस 25 सितंबर 2009 को इनका पहला ट्रांसफर उत्तराखंड हाईकोर्ट में हुआ वहां पर यह एक्टिंग चीफ जस्टिस के पद पर 25 दिसंबर 2009 से 29 नवंबर 2009 तक रहे। इसके बाद इनका फिर से ट्रांसफर इलाहाबाद हाईकोर्ट में हो गया और 17 अक्टूबर 2012 से यह इलाहाबाद हाईकोर्ट में बतौर सीनियर जज की भूमिका अदा कर रहे हैं। अब जब इनका कार्यकाल सामाप्त होने वाला था तब सरकार ने इन्हें मेघालय हार्इकोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस नियुक्त करके एक सौगात दी है।