वेतन व भत्तों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर त्रिपुरा के 5 हजार शिक्षक हड़ताल पर

Daily news network Posted: 2017-11-14 16:13:30 IST Updated: 2017-11-14 16:13:30 IST
वेतन व भत्तों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर त्रिपुरा के 5 हजार शिक्षक हड़ताल पर
  • सर्व शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न सरकारी स्कूलों में काम कर रहे करीब 5 हजार शिक्षक सोमवार को बेमियादी हड़ताल पर चले गए।

अगरतला।

सर्व शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न सरकारी स्कूलों में काम कर रहे करीब 5 हजार शिक्षक सोमवार को बेमियादी हड़ताल पर चले गए। शिक्षकों की मांग है कि उन्हें स्थायी किया जाए और अन्य राज्य सरकार के शिक्षकों की तरह उनको भी फिक्स वेतन दिया जाए।

त्रिपुरा एसएसए टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सजल देब ने कहा, त्रिपुरा में 2001-2002 के दौरान फ्लैगशिप कार्यक्रम लॉन्च किया गया था, तब से केन्द्र की योजना के तहत संविदा पर रखे गए शिक्षकों को राज्य सरकार उनके अधिकारों से वंचित रख रही है। सरकार हमें स्थायी शिक्षक गिनते हुए नई दिल्ली से फंड्स ला रही है लेकिन हममें से प्रत्येक को जो दिया जाना चाहिए उससे 4 हजार से 5 हजार रुपए कम दिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि एसएसए शिक्षकों के लिए जो फंड जारी किया जाता है उसका इस्तेमाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।


देब ने दावा किया कि आंदोलन में 5,145 शिक्षक शामिल हैं। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आपको बता दें कि त्रिपुरा में एसएसए शिक्षक दो खेमों में बंटे हुए हैं। दक्षिणपंथी समूह ने हड़ताल शुरू कर दी है जबकि लेफ्ट के प्रति झुकाव वाले त्रिपुरा कांट्रेक्ट टीचर्स एंड एम्पलॉयी एसोसिएशन (टीसीटीईए) ने तुरंत प्रभाव से भत्तों को संशोधित करने की मांग करते हुए बेमियादी कामरोको शुरू कर दिया है। त्रिपुरा कांट्रेक्ट टीचर्स एंड एम्पलॉयी एसोसिएशन की स्टेट वर्किंग कमेटी के सदस्य निर्मलेंदु देबनाथ ने कहा, हम सोमवार से कामरोको पर चले गए।


हमारी मांग है कि एसएसए शिक्षकों के भत्तों को संशोधित किया जाए। इसे फिर से लागू किए गए 2.25 पे फिक्सेशन और संशोधित रूल्स ऑफ पे के साथ समायोजित किया जाए लेकिन आंदोलन शुरु होने से पहले ही उसे वापस ले लिया गया क्योंकि सरकार वेतन और भत्ते में बढ़ोतरी पर सहमत हो गई। टीसीटीईए के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल एजुकेशन के डायरेक्टर यू.के.चकमा से यहां मुलाकात की थी।


चकमा डेपुटेशन पर हैं। देबनाथ ने कहा, चकमा सभी एसएसए शिक्षकों के मूल वेतन में तुरंत बढ़ोतरी पर सहमत हैं। बढ़ोतरी मौजूदा मूल वेतन से करीब 8 फीसदी ऊपर होगी। स्कूल एजुकेशन मिनिस्टर तपन चक्रवर्ती ने हाल ही में कहा था कि त्रिपुरा में कई एसएसए शिक्षकों के पास बीएड जैसी न्यूनतम एजुकेशनल क्वालिफिकेशन नहीं है। साथ ही हायर सैकेण्ड्री एग्जामिनेशंस में जरूरी अंक भी नहीं है। सर्विस के नियमन के लिए जो जरूरी है।