नगालैंड में विद्रोही विधायकों ने की राज्यपाल से मुलाकात

Daily news network Posted: 2017-07-17 17:56:59 IST Updated: 2017-07-17 17:56:59 IST
नगालैंड में  विद्रोही विधायकों ने की राज्यपाल से मुलाकात
  • नगालैंड में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच 44 बागी विधायकों ने कल राज्यपाल पीबी आचार्य के समक्ष शक्ति प्रदर्शन किया। एक बागी विधायक ने कहा हम राज्यपाल पर दबाब नहीं डालना चाहते लेकिन यह हमारी ताकत और एकता का एक प्रदर्शन है।

नगालैंड

कोहिमा । नगालैंड में चल रही राजनीतिक  उठापटक के बीच 44 बागी विधायकों ने कल राज्यपाल पीबी आचार्य के समक्ष शक्ति प्रदर्शन किया। एक बागी विधायक ने कहा हम राज्यपाल पर दबाब नहीं डालना चाहते लेकिन यह हमारी ताकत और एकता का एक प्रदर्शन है। 





राजपाल को राज्य की वास्तविक राजनीतिक परिस्थितियों जानने का हक है। मुख्यमंत्री एस. लिजित्सु सत्ता के भूखे हैं। राज्यपाल के साथ मुलाकात में बागी विधायकों का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य के एकमात्र सांसद नेफ्यूरियो भी मौजूद थे।  सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान राज्यपाल ने विधायकों को आवासन दिया कि वह संविधान और नियमन के अनुसार कदम उठाएंगे।




इससे पहले गौहाटी उच्च न्यायालय की कोहिमा  पीठ ने कल राज्यपाल पीबी आचार्य के  उस निर्देश पर रोक लगा दी जिसमें डा. लिजित्सु को 15 जुलाई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा गया था। डा. लिजित्सु की रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान  पीठ ने कहा कि राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री को  15 जुलाई तक बहुमत साबित करने का निर्देश दिया जाना पूर्व दृष्टया असंवैधानिक, अवैध, अनिंयंत्रिण और संविधान की मौलिक विशेषताओं का उल्लंघन करने वाला है। 




पीठ ने  कहा कि विधानसभा उप चुनाव की प्रक्रिया भी जारी है जिसमें डा. लिजित्सु चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में उन्हें 15 जुलाई तक बहुमत साबित करने के लिए निर्देश देना उचित  नहीं है।




न्यायालय  ने कहा कि श्री आचार्य ने यह निर्देश देकर मंत्रिपरिषद की इच्छा का उल्लंघन किया है और अपनी राजनीतिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राज्यपाल कार्यालय का इस्तेमाल किया है। मंत्रिपरिषद ने राज्यपाल को  स संबंध में कोई सिफारिश नहीं भेजी थी। इसके  बाबजूद राज्यपाल ने बीना किसी कानूनी आधार के संविधान के विरुद्ध जाकर याचिकाकर्ता पर अपना निर्णय लाद दिया। 

 



गौरतलब है कि  राज्यपाल ने  गत 11 जुलाई का डा. लिजित्सु को 15 जुलाई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा था। राजभवन की और से जारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि डा. लिजित्सु को 15 जुलाई तक सदन में बहुमत सिद्द्त  करने का निदेश दिया गया है।




डा. लिजित्सु ने 22 फरवरी को मुख्यमंत्री का पद संभाला था लेकिन वह अभी तक विधानसभा के सदस्य नहीं बने हैं। उन्होंने 11 जुलाई को  ही उपचुनाव के लिए उत्तरी अंगामी  सुरक्षित विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया।