त्रिपुरा में सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने भाजपा अध्यक्ष पर किया हमला!

Daily news network Posted: 2017-09-15 13:16:30 IST Updated: 2017-09-15 13:16:30 IST
त्रिपुरा में सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने भाजपा अध्यक्ष पर किया हमला!
  • भाजपा ने त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से सत्तारुढ़ पार्टी के कैडर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

अगरतला।

भाजपा ने त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से सत्तारुढ़ पार्टी के कैडर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जिन पर महाराज बीर बिक्रम सिंह कॉलेज में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बिप्लब कुमार देबबर्मा पर हमले की कोशिश की। घटना उस वक्त की है जब भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष बिप्लब कुमार देब कॉलेज गए थे।


उन्हें खबर मिली थी कि एसएफआई के कैडर्स ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया है। यह हमला छात्र परिषद चुनावों के दौरान हुआ था। जब बिप्लब कुमार देबबर्मा मंगलवार रात महाराज बीर बिक्रम कॉलेज में एसपी से बातचीत कर रहे थे तभी कुछ अज्ञात बदमाशों ने उन पर पत्थर फेंके। हालांकि पथराव में उन्हें कोई चोट नहीं आई लेकिन घटना में सिक्योरिटी इंचार्ज घायल हो गए।


डीजीपी से मुलाकात के दौरान भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने उन सीपीएम कैडर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हालांकि डीजीपी ने मामले पर यथोचित विचार का आश्वासन दिया है। भाजपा के महासचिव राम माधव ने कहा, भाजपा एबीवीपी से जुड़े छात्रों पर हमले की निंदा करती है। सीपीएम को समझ में आ गया है कि वे सिर्फ पांच महीने के लिए सत्ता में है और यह उनकी आखिरी जीत है। राम माधव जीबीपी अस्पताल गए जहां भर्ती एबीवीपी के कार्यकर्ताओं का हालचाल जाना।


सीपीआई-एम के किसी नेता का नाम लिए बगैर राम माधव ने कहा, आप हमारे हाथ और पैर तोड़ सकते हैं,हमारे पार्टी दफ्तरों में फर्नीचर तोड़ सकते हैं लेकिन आप हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं और सदस्यों की भावना

को नष्ट नहीं कर सकते। कॉलेज में हुए छिट पुट संघर्ष के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं के अलावा, कुछ पुलिस अधिकारी और एसएफआई से जुड़े छात्र भी घायल हुए थे।


सत्तारुढ़ सीपीएम की स्टूडेंट्स विंग्स एसएफआई-टीएसयू गठबंधन ने राज्य के 22 डिग्री कॉलेजों में छात्र परिषद के चुनावों में जीत दर्ज की है। परिणाम बीती रात घोषित किए गए थे। एसएफआई ने 778 सीटों में से 530 सीटें जीती जबकि 27 सीटें एबीवीपी के खाते में गई। यह पहली बार है जब एबीवीपी ने छात्र परिषद के चुनावों में इतनी सीटें जीती है। कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई एक भी सीट नहीं जीत पाई। एनएसयूआई के महासचिव राकेश दास ने कहा कि एनएसयूआई विभिन्न राज्यों की यूनिवर्सिटीज में सत्ता में है जहां एबीवीपी विफल रही है। त्रिपुरा में लेफ्ट के शासन में भी निष्पक्ष चुनाव नहीं हुए। एसएफआई कैडर्स की हिंसा के कारण हमारे कई कार्यकर्ता वोट नहीं डाल पाए।