सामने आया बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी का त्रिपुरा कनेक्शन

Daily news network Posted: 2017-11-15 15:32:49 IST Updated: 2017-11-15 15:32:49 IST
सामने आया बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी का त्रिपुरा कनेक्शन
  • बिहार में शराबबंदी के बाद नशे के कारोबार का जाल बढ़ गया है। मादक पदार्थो के तस्करों ने बिहार में अपना नेटवर्क फैला दिया है। मांग बढ़ने के बाद पुलिस ने जब यूपी और झारखंड के बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाई तो त्रिपुरा से कनेक्शन जुड़ गया।

पटना।

बिहार में शराबबंदी के बाद नशे के कारोबार का जाल बढ़ गया है। मादक पदार्थो के तस्करों ने बिहार में अपना नेटवर्क फैला दिया है। मांग बढ़ने के बाद पुलिस ने जब यूपी और झारखंड के बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाई तो त्रिपुरा से कनेक्शन जुड़ गया। 

मादक पदार्थों के तस्करों ने देश के कई प्रदेशों का तार बिहार से जोड़ दिया है। एसटीएफ ने बड़ा खुलासा करते हुए तस्करों का त्रिपुरा नेटवर्क उजागर किया है। बिहार में गांजा की खेप पाटने के लिए त्रिपुरा का सहारा लिया गया है। 

एसटीएफ ने ईओयू के साथ मिलकर एक ट्रक पर लोड गांजा की जो खेप पकड़ी है वह प्रदेश के विभिन्न शहरों में खपाने की योजना थी। सूत्रों के अनुसार तस्कर प्रदेश के किसी पिछडे़ जिले में ट्रक से गांजा पहुंचाते हैं उसके बाद उसे पटना व अन्य एरिया में भेजा जाता है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो एसटीएफ को सूचना मिली थी कि गांजा की तस्करी में बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है जिसके गुर्गे एक ट्रक से नशीला पदार्थ लेकर आ रहे हैं। एसटीएफ ने ईओयू के साथ मिलकर इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। 

पुलिस सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ और ईओयू की इस छापेमारी में दो गांजा तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। जो गांजे की तस्करी में काफी दिनों से संलिप्त रहे हैं। दोनों गिरफ्तार तस्करों में एक का नाम प्रवीण कुमार और दूसरे का नाम धमेंद्र शाह बताया जा रहा है। 

आईजी ऑपरेशन को सूचना मिलने के बाद भागलपुर जिले के तिलकामांझी थाना क्षेत्र में अंजाम दिया गया। सूत्रों की मानें तो गांजे की इस बड़ी खेप की तस्करी एक ट्रक से की जा रही थी और उस पर पश्चिम बंगाल का नंबर प्लेट लगा है।