त्रिपुरा में भाजपा का कमल खिलाने के लिए मोदी सरकार करेगी ऐसा काम, हुआ खुलासा

Daily news network Posted: 2017-12-04 09:42:36 IST Updated: 2017-12-04 09:42:36 IST
त्रिपुरा में भाजपा का कमल खिलाने के लिए मोदी सरकार करेगी ऐसा काम, हुआ खुलासा
  • बीजेपी का मानना है कि माकपा के 25 साल के शासन को खत्म करने के उसके अभियान को व्यापक आर्थिक सुधारों से नहीं बल्कि एलपीजी सिलेंडर से बल मिलेगा।

अगरतला।

त्रिपुरा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में लेफ्ट फ्रंट सरकार को पटखनी देने के लिए बीजेपी ने अपनी रणनीति पर काम करना शुरु कर दिया है। बीजेपी का मानना है कि माकपा के 25 साल के शासन को खत्म करने के उसके अभियान को व्यापक आर्थिक सुधारों से नहीं बल्कि एलपीजी सिलेंडर से बल मिलेगा। त्रिपुरा बीजेेपी अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 3.33 लाख गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए।


उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि राज्य में कुल 25 लाख में से आधे से ज्यादा मतदाताओं को इस योजना से लाभ मिला और हर परिवार में औसत चार सदस्य होते हैं। देब ने कहा कि केंद्र सरकार की उज्ज्वला जैसी कल्याणकारी योजनाओं की सफलता हमारे अहम मुद्दों में से एक होगी। हमारा दूसरा मुद्दा वाम दल का भय का शासनकाल है। लोग हमारे साथ हैं। उन्होंने उम्मीद जताई अगले साल राज्य में उनकी पार्टी पहली बार सरकार बनाएगी।


उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह राज्य में पार्टी के अभियान को मजबूत करने के लिए इस महीने दो रैलियां कर सकते हैं और प्रधानमंत्री के अगले महीने वहां जाने की संभावना है। त्रिपुरा की वाम सरकार को लंबे समय तक रही अराजकता की स्थिति के बाद शांति स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है और उसके मुख्यमंत्री माणिक सरकार की 19 साल के नेतृत्व के दौरान साफ छवि रही है।


देब ने कहा कि माणिक सरकार के बारे में सकारात्मक धारणा चालाक मार्केटिंग का नतीजा है। उन्होंने कहा कि एक प्रधानाचार्य को उसके स्कूल के प्रदर्शन के आधार पर परखा जाना चाहिए ना कि वह कैसा लगता है, इस आधार पर। उन्होंने वाम मोर्चे की सरकार पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हिंसा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे तीन आदिवासी नेताओं को मार दिया गया। बीजेेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि त्रिपुरा को मनरेगा से काफी फायदा मिला है और यह मोदी सरकार के प्रयासों की वजह से ही हुआ।


बीजेपी वर्ष 2013 के चुनाव में 60 सदस्यीय विधानसभा सीट में से एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, लेकिन वर्ष 2014 में शाह के पार्टी की कमान संभालने के बाद से राज्य में उसने आक्रामक अभियान चलाया है और पूर्वोत्तर राज्य में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। देब ने कहा कि बीजेेेेपी राज्य में सभी विधानसभा उपचुनावों और स्थानीय चुनावों में त्रिपुरा के बाद दूसरे नंबर पर आई और पार्टी सभी 60 सीटों से अपने उम्मीदवार खड़े करेगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस खत्म हो चुकी हैं। यहां वाम दल और हमारे बीच सीधा मुकाबला होगा।