गैस सिलेंडर से त्रिपुरा में वामपंथियों को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी भाजपा!

Daily news network Posted: 2017-12-06 17:27:59 IST Updated: 2017-12-06 17:27:59 IST
गैस सिलेंडर से त्रिपुरा में वामपंथियों को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी भाजपा!
  • गैस सिलेंडर के सहारे भाजपा वामपंथियों के गढ़ को ढहा देगी। यह कहना है त्रिपुरा भाजपा के अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब का।

अगरतला।

गैस सिलेंडर के सहारे भाजपा वामपंथियों के गढ़ को ढहा देगी। यह कहना है त्रिपुरा भाजपा के अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब का। देब ने कहा कि त्रिपुरा में माकपा के 25 साल के शासन को खत्म करने के उसके अभियान को व्यापक आर्थिक सुधारों की घोषणाओं से नहीं बल्कि एलपीजी सिलेंडर से बल मिलेगा। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 3.33 लाख गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए। हर परिवार में औसतन चार सदस्य होते हैं, ऐसे में राज्य में कुल 25 लाख में से आधे से ज्यादा मतदाताओं को इस योजना से लाभ मिलेगा। त्रिपुरा में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। देब ने कहा, केन्द्र सरकार की उज्जवला जैसी कल्याणकारी योजनाओं की सफलता हमारे अहम मुद्दों में से एक होगी। हमारा दूसरा मुद्दा वाम दलों के भय का शासनकाल है।

लोग हमारे साथ हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले साल राज्य में उनकी पार्टी पहली बार सरकार बनाएगी। देब ने कहा, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह राज्य में पार्टी के प्रचार अभियान को मजबूत करने के लिए इस माह दो रैलियां कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी त्रिपुरा दौरे पर जाने की संभावना है। त्रिपुरा की वामपंथी सरकार को लंबे वक्त तक रही अराजकता की स्थिति के बाद शांति स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है और उसके मुख्यमंत्री माणिक सरकार के 19 साल के नेतृत्व के दौरान साफ छवि रही है।

बहरहाल देब ने कहा कि माणिक सरकार के बारे में सकारात्मक धारणा चालाक मर्केटिंग का नतीजा है। एक प्रधानाचार्य को उसके स्क्लू के प्रदर्शन के आधार पर परखा जाना चाहिए ना कि वह कैसा लगता है, इस आधार पर। उन्होंने वाम मोर्चे की सरकार पर राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हिंसा का आरोप लगाते हुए कहा, हमारे तीन आदिवासी नेताओं को मार दिया गया।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि त्रिपुरा को मनरेगा से काफी फायदा मिला है और यह मोदी सरकार के प्रयासों की वजह से हुआ। भाजपा वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी लेकिन 2014 में शाह के पार्टी की कमान संभालने के बाद राज्य में उसने आक्रमक अभियान चलाया है और पूर्वोत्तर राज्य में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। देब ने कहा कि भाजपा राज्य के विधानसभा उपचुनाव और स्थानीय चुनावों में दूसरे नंबर पर आई। पार्टी सभी 60 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और तृणमूल काग्रेस खत्म हो चुकी हैं। यहां वाम दल और हमारे बीच सीधा मुकाबला है।