त्रिपुरा चुनाव में इरो नेट से मतदाता करवा सकेगें ऑनलाइन नाम दर्ज!

Daily news network Posted: 2017-08-11 17:27:20 IST Updated: 2017-08-11 17:27:20 IST
त्रिपुरा चुनाव में इरो नेट से मतदाता करवा सकेगें ऑनलाइन नाम दर्ज!

सोनामुरा (त्रिपुरा)

चुनाव आयोग की पहल पर त्रिपुरा में इलेक्टोरल रोल्स मैनेजमेंट सिस्टम के स्थान पर इरो नेट नामक एक नया राष्ट्रीय पोर्टल ने आज से काम करना शुरु कर दिया, जिससे अब नए मतदाता भी अपना नाम आसानी से मतदाता सूची में शुमार करा लेंगे। आयोग के अधिकारियों ने यहां बताया कि इरो नेट के जरिए मतदाता नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल (एनवीएसपी) के जरिए ऑनलाइन अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए मतदाता रजिस्ट्रार के समक्ष मतदाता की उपस्थिति भी जरुरी नहीं है। 


सीपाहीजला के जिला चुनाव अधिकारी प्रदीप चक्रवर्ती ने बताया कि एनवीएसपी में प्राप्त आवेदनों को इरो नेट के जरिये समयबद्ध तरीके से उचित अधिकारी इलेक्ट्रानिक माध्यम से ही निपटारा करेंगें। इरो-नेट व्यवस्था के तहत बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ), मतदान रजिस्ट्रेशन अधिकारियों तथा जिला चुनाव अधिकारियों की तमाम सूचनाएं रहेंगी। 


चक्रवर्ती ने कहा कि नयी व्यवस्था में आवेदन की स्थिति का पता लगाने तथा आवेदक को एसएमएस अलर्ट भेजने की भी सुविधा है। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था से मतदाता सूची में और पारदर्शिता आएगी तथा मृतक मतदाताओं, फर्जी मतदाताओं और दो स्थानों से मतदान करने वालों की भी आसानी से पहचान हो जाएगी। पूरे राज्य की मतदाता सूची से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के वेब आधारित ऐप वाले सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से इस फर्जी मतदाताओं की पहचान आसानी से की जा सकती है। 


इरो-नेट एक सॉफटवेयर है जिसके वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटएनवीएसपीआईएन के जरिए मतदाता मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए आवेदन अपनी पूरी जानकारी देकर कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने गत वर्ष दिसंबर में इसे लांच किया था। मतदाता सूची से जुड़ीं तमाम गतिविधियां इस पोर्टल के जरिए आसानी से की जा सकती हैं। इस व्यवस्था के तहत अशुद्धियों तथा मतों की वैधता पता लगाये जाने के अलावा पूरे साल में एक बार मतदाता पहचान पत्र बनवाने के लिए भी मतदाता आवेदन दे सकते हैं। मतदाता मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी अपलोड भी कर सकते हैं। 



ऑनलाइन आवेदन सीधे चुनाव निर्वाचन अधिकारी के पास जाएगा। अनुरोध प्राप्त होने के बाद बीएलओ मतदाता के पास सत्यापन के लिए मतदाता से संपर्क करेगा। श्री चक्रवर्ती ने कहा, मतदाता कार्ड और नामांकन में गलतियों की आशंका को कम करने के लिए अगर प्राधिकारी सोचता है तो आवेदक को मूल दस्तावेजों के साथ सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है। कोई भी भारतीय नागरिक इस मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से कहीं भी मतदाता पहचान के लिए आवेदन कर सकता है।