भाजपा का आरोप,रेल व रोड रोको आंदोलन के लिए त्रिपुरा सरकार जिम्मेदार

Daily news network Posted: 2017-07-14 16:01:23 IST Updated: 2017-07-14 16:01:23 IST
भाजपा का आरोप,रेल व रोड रोको आंदोलन के लिए त्रिपुरा सरकार जिम्मेदार
  • भाजपा ने आरोप लगाया है कि तिपरालैंड की मांग को लेकर आईपीएफटी के रेल व रोड रोको आंदोलन के लिए पूरी तरह त्रिपुरा की लेफ्ट फ्रंट सरकार जिम्मेदार है

अगरतला।

भाजपा ने आरोप लगाया है कि तिपरालैंड की मांग को लेकर आईपीएफटी के रेल व रोड रोको आंदोलन के लिए पूरी तरह त्रिपुरा की लेफ्ट फ्रंट सरकार जिम्मेदार है। भाजपा के जनजाति मोर्चा के नेता जिष्णु देबबर्मा ने कहा कि भाजपा ने कभी तिपरालैण्ड राज्य की मांग का समर्थन नहीं किया। भाजपा इस बात से आश्वस्त है कि राज्य के विकास के लिए बंटवारा जरूरी नहीं है। प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए देबबर्मा ने आरोप लगाया कि आईपीएफटी का 10 जुलाई से शुरू हुआ रेल व रोड रोको आंदोलन को सीपीआई-एम के नेतृत्व वाली लेफ्ट फ्रंट सरकार सपोर्ट कर रही है। आंदोलन सरकार की ओर से प्रायोजित है।


सरकार आंदोलन को फाइनेंस भी कर रही है। देबबर्मा ने कहा कि त्रिपुरा जैसे छोटे राज्य में अलग राज्य की मांग को लेकर आईपीएफटी ने जो रास्ता चुना है वह अच्छा नहीं है। राज्य के विभाजन से कभी विकास नहीं होगा। देबबर्मा ने कहा कि भाजपा त्रिपुरा के एडीसी एरियाज के लिए स्टेट काउंसिल की मांग करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी त्रिपुरा ट्राइबल ऑटोनोमस स्टेट काउंसिल(टीटीएएएससी) में टीटीएएडीसी के अपग्रेडेशन की उनकी मांग के समर्थन में हैं। त्रिपुरा के स्वदेशी लोगों की अलग अलग सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए ज्यादा स्वायत्ता जरूरी है।


भाजपा की स्टेट यूनिट ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री फग्गल सिंह कुलस्ते को राज्य के दौरे के दौरान ज्ञापन दिया था। मुख्यमंत्री माणिक सरकार की भूमिका की आलोचना करते हुए देबबर्मा ने कहा, राज्य का गृह मंत्री होने के नाते सरकार आईपीएफटी के नेताओं को मीटिंग के लिए बुला सकते हैं और हल पर पहुंच सकते हैं लेकिन वह मूकदर्शक की तरह काम कर रहे हैं। देबबर्मा ने आरोप लगाया कि लेफ्ट फ्रंट सरकार के कुशासन के कारण राज्य सरकार आईपीएफटी के आंदोलन के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। सरकार आईपीएफटी के साथ मिली हुई है। वह पूरे राज्य में षडयंत्र रच रही है। राज्य के वंचित आदिवासी लोगों के बड़े वर्ग ने आंदोलन शुरू किया है।


लेफ्ट फ्रंट की सरकार के शासनकाल के दौरान एडीसी इलाकों में विकास के नाम पर उन्हें ठगा गया है। एडीसी इलाकों के 28 एमडीसी हैं और लेफ्ट फ्रंट सरकार के 19 विधायकों ने कभी त्रिपुरा के आदिवासी लोगों के विकास का अनुरोध नहीं किया। अलग राज्य की मांग उठने के पीछे मुख्य वजह यही है।