त्रिपुरा के राज्यपाल ने राजनीति में बढ़ते वंशवाद को लेकर दिया ये बयान

Daily news network Posted: 2017-09-16 16:56:46 IST Updated: 2017-09-16 16:56:46 IST
त्रिपुरा के राज्यपाल ने राजनीति में बढ़ते वंशवाद को लेकर दिया ये बयान
  • बीएचयू के केएन उडप्पा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल तथागत राय ने कहा कि राजनीति में बढ़ते वंशवाद की प्रवृत्ति में बदलाव लाना होगा।

वाराणसी। त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत राय ने राजनीति में बढ़ते वंशवाद पर चिंता व्यक्त की है। बीएचयू के केएन उडप्पा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल तथागत राय ने कहा कि राजनीति में बढ़ते वंशवाद की प्रवृत्ति में बदलाव लाना होगा। राय राजनीति के बदलते स्वरुप व शासन की चुनौतियों विषय पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। त्रिपुरा के राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसे नेताओं ने राजनीति में खुद सक्रिय रहते हुए कभी वंशवाद को बढ़ावा नहीं दिया। आयोजन मालवीय शांति अनुसंधान केन्द्र व थिंक टैंक के संयुक्त तत्वाधान में हुआ। 


कार्यक्रम में राज्यपाल तथागत राय ने रोहिंग्या शरणार्थियों को शरण देने जैसी बातों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश पहले से ही बढ़ती जनसंख्या के बीच चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में रोहिंग्या व बांग्लादेशियों को शरण देने की बजाय भारतीय नागरिकों के बारे में सोचना होगा। उन्होंने वोट के लिए जातिगत राजनीति की भी आलोचना की। इस मौके पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री व भाजपा नेता संजय पासवान ने कहा कि राजनीति किसी भी व्यवधान को संविधान व विधान के माध्यम से समाधान की ओर ले जाने का नाम है। उन्होंने पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित होने की बजाय अपने हाल को सुधारने पर जोर दिया। 


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बीएचयू के कुलपति डा.जीसी त्रिपाठी ने कहा कि सरकार की आलोचना की बजाय अपनी कमियों में सुधार लाने से स्थिति बदल सकती है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों व राज्यपाल के बीच सवाल जवाब का भी सत्र रखा गया था लेकिन बाद में इसे समाप्त कर दिाय गया। इससे नाराज छात्र सभागार के बाहर जमा होने लगे। छात्रों के जुटने की जानकारी मिलते ही सुरक्षा जवान सतर्क हो गए। पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह छात्रों को मनाया। 


अपने संबोधन के दौरान भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बीए चयू में छात्रसंघ चुनाव का सुर छेड़ दिया। इससे कुलपति डॉ जीसी त्रिपाठी नाराज हो गए। उन्होंने तत्काल इसका विरोध भी किया। इससे माहौल काफी देर तक गरम रहा।