संगमा का युवाओं को मंत्र: नौकरी के बजाए व्यापार में आजमाएं हाथ

Daily news network Posted: 2017-10-12 14:35:00 IST Updated: 2017-10-12 14:35:00 IST
संगमा का युवाओं को मंत्र: नौकरी के बजाए व्यापार में आजमाएं हाथ
  • उन्होंने कहा कि आज युवा नजर घुमाकर देखें तो रोजगार के लाखों साधन उनके पास दिखाई देंगे

शिलोंग।

हर इंसान के जेहन में कहीं न कहीं कुछ अलग करने की ख्वाहिश होती है। कुछ लोगों की यह इच्छा पूरी होती है तो कुछ की दम तोड़ देती है। आज हर कोई यही चाहता है कि उसे सरकारी नौकरी मिले, यानी रोजगार का अर्थ अधिकतर युवाओं के दिमाग में यह बैठ गया है। यही वजह है कि बेरोजगारी बढ़ रही है। आज लोगों को नौकरियां नहीं मिल रही हैं। असल में समस्या यह नहीं है। समस्या लोगों की सोच में है। अत: हमें अपनी सोच बदलनी होगी। यह कहना है मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा का।


यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मेघालय (यूएसटीएम) में थिंक ग्लोबल-एक्ट लोकल की थीम पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद यहां पत्रकारों से बातचीत में संगमा ने कहा कि युवाओं को यह धारणा बदलनी होगी कि रोजगार का एकमात्र रास्ता सरकारी नौकरी ही है।


उन्होंने कहा कि आज युवा नजर घुमाकर देखें तो रोजगार के लाखों साधन उनके पास दिखाई देंगे, जो सरकारी नौकरी से कहीं बेहतर और अच्छे हैं। संगमा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में ही कितने अवसर हैं, जरूरत है उसे समझने की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत या देश के बाहर के जितने भी व्यापार जगत के दिग्गज हैं, उन्होंने अपना रास्ता खुद चुना है। अपने देश में ही कितने लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अच्छी नौकरी को ठुकराकर व्यापार में हाथ आजमाया और उसमें काफी सफल भी हुए। इसमें इंफोसिस के संस्थापक एन नारायणमूर्ति का नाम सबसे पहले आता है।