असम में गौशाला सहित कई घरों को जलाया, पूर्व उल्फा नेता हिरासत में

Daily news network Posted: 2017-11-13 10:56:00 IST Updated: 2017-11-13 10:56:00 IST
असम में गौशाला सहित कई घरों को जलाया, पूर्व उल्फा नेता हिरासत में
  • असम में तिनसुकिया जिले के मार्घेरिता उपखंड में रविवार को उस वक्त तनाव व्याप्त हो गया जब पुलिस ने उल्फा के संघर्ष विराम समूह के नेता जितेन दत्ता और सात अन्य को हिरासत में ले लिया

तिनसुकिया।

असम में तिनसुकिया जिले के मार्घेरिता उपखंड में रविवार को उस वक्त तनाव व्याप्त हो गया जब पुलिस ने उल्फा के संघर्ष विराम समूह के नेता जितेन दत्ता और सात अन्य को हिरासत में ले लिया। सभी को बोर फुकियाल सापोरी में आगजनी में कथित रूप से संलिप्तता के आरोप में हिरासत में लिया गया। हालांकि दत्ता सहित सभी को बाद में पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।


सापोरी मार्घेरिता पुलिस थाने से करीब 15 किलोमीटर दूर है। पुलिस कार्रवाई से लोग आग बबूला हो गए। कई संगठनों ने तिनसुकिया जिले के लेडो और डिगबोई में सड़कों को जाम कर दिया। मार्घेरिता उपखंड के पुलिस अधिकारी देबब्रत मोरांग ने कहा, दत्ता सहित सभी 8 लोगों को शमसुल हक के घरों को जलाने में भूमिका के चलते पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। सभी को केतातोंग गांव से हिरासत में लिया गया।


दत्ता ने कहा कि कुछ अवैध प्रवासी केतातोंग गांव में ट्राइबल बेल्ट की जमीन पर अतिक्रमण व कब्जा कर रहे हैं। दत्ता ने अपनी फेसबुक पोस्ट में संबंधित अथॉरिटी से 12 नवंबर तक कार्रवाई करने की अपील की थी। इस बीच वार्ता समर्थक उल्फा नेता अनूप चेतिया ने कहा, तीन पूर्व उल्फा नेताओं को तुरंत रिहा करना चाहिए क्योंकि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। पुलिस की योजना बोर फुकियल सापोरी में रह रहे लोगों को वहां से हटाना था लेकिन अभियान शुरू होने से पहले कुछ लोगों ने एक गौशाला सहित एक व्यक्ति से संबंधित दो घरों को आग के हवाले कर दिया।


हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि अगर सापोरी सरकारी जमीन है तो पुलिस उसे क्यों खाली कराना चाहती थी? सूत्रों का कहना है कि बोर फुकियल सापोरी में करीब 700 लोग रहते हैं और उनकी पहचान जांच के दायरे में है। दत्ता को मार्घेरिता के करीब राष्ट्रीय राजमार्ग 38 से उठाया गया। सात अन्य लोग हैं कार्नेल गोगोईष उपेन बुरागोहेन, पूना गोगोई, बीरेन फुकन, दर्शाप्राण मोन्यो हजारिका, नबादीप बोरा और सत्यजीत बोरा। रिहा होने के बाद दत्ता ने कहा, आगजनी में उनकी कोई भूमिका नहीं है।


हमने सरकार को उन अतिक्रमण को खाली कराने के लिए अल्टीमेटम दिया था। जब सरकार इसमें विफल हुई तो हम इलाका खाली कराने के लिए वहां गए लेकिन हमें रास्ते में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। तिनसुकिया के पुलिस अधीक्षक मुग्धा ज्योति महंता ने कहा, कार्नेल गोगोई को छोड़कर सात को पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया।  मार्घेरिता पुलिस थाने के इंचार्ज गिरिन सोनोवाल ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।