'त्रिपुरा की शांति भंग कर रही है बीजेपी-आईपीएफटी'

Daily news network Posted: 2018-02-13 10:58:41 IST Updated: 2018-02-13 10:59:12 IST
'त्रिपुरा की शांति भंग कर रही है बीजेपी-आईपीएफटी'
  • त्रिपुरा में मतदान की तारीख नजदीक आने से चुनावी सरगर्मियां भी तेज हो गई है। सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) नेता वृंदा करात ने भाजपा और आईपीएफटी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

त्रिपुरा में मतदान की तारीख नजदीक आने से चुनावी सरगर्मियां भी तेज हो गई है। सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) नेता वृंदा करात ने भाजपा और आईपीएफटी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वृंदा ने दोनों पार्टियों पर राज्य में अशांति फैलाने का आरोप लगाया है। त्रिपुरा में 18 फरवरी को वोट डाले जाएंगे और 3 मार्च को नतीजों का ऐलान होगा।


उत्तर त्रिपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए वृंदा ने जनता से भाजपा और आईपीएफटी को बहिष्कार करने की अपील की, क्योंकि ये दोनों पार्टियां राज्य में अशांति फैला रही है।

वृंदा ने भाजपा पर निशाना साधाते हुए कहा कि पैसों से तो अलीबाबा आैर चलीस चोरों को खरीदा जा सकता है लेकिन आप त्रिपुरा के लोगों को नहीं खरीद सकते हैं।


उन्होंने मोदी पर भी निशाना साधा है आैर कहा है कि मोदी जी त्रिपुरा के लोगों को आपकी जरूरत नहीं है। आपके नापाक इरादे कभी सफल नहीं होंगे आैर राज्य में भाजपा आैर आर्इपीएफटी के गठबंधन की हार होगी। उन्होंने कहा है कि केंद्र में भी भाजपा का पतन होगा।

बता दें कि त्रिपुरा में पिछले 25 सालों से माकपा का एक छत्र राज है और 20 साल से लगातार मुख्यमंत्री माणिक सरकार शासन कर रहे हैं।


राज्य में चुनाव में जीत हासिल करने के लिए माकपा नेता राज्य में एक के बाद एक रैलियां आैर जनसभाएं कर रही हैं। जिसमें वह भाजपा आैर मोदी पर हमले कर रही हैं।

गौरतलब है कि त्रिपुरा विधानसभा का चुनाव लड़ रहे 297 उम्मीदवारों में से 22 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। संवैधानिक सुधार की दिशा में काम कर रहे एक गैर सरकारी संगठन ने पिछले ही दिनों यह दावा किया था।


गैर सरकारी संगठन त्रिपुरा इलेक्शन वॉच के द्वारा किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि 17 उम्मीदवारों के खिलाफ दंगा, हत्या, आपराधिक धमकी और बलात्कार के आरोप हैं।