यूपी में राम लहर से भी बड़ी मोदी लहर,जानिए कैसे

Daily news network Posted: 2017-03-11 08:52:17 IST Updated: 2017-03-11 12:21:05 IST
यूपी में राम लहर से भी बड़ी मोदी लहर,जानिए कैसे
  • यूपी विधानसभा चुनावों के अब तक के रुझानों से स्पष्ट है कि भाजपा यहां दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बना लेगी।

लखनऊ।

यूपी के विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जोरदार लहर चली है। यह लहर राम लहर से भी बड़ी है। प्रदेश में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। राम मंदिर आंदोलन के वक्त जनता के अपार समर्थन के सहारे यूपी में सरकार बनाने वाली भाजपा को उस वक्त 221 सीटें मिली थी। कांग्रेस को महज 46 सीटें मिली थी।

उस वक्त भाजपा को 31.76 फीसदी वोट मिले थे। 1991 के चुनाव कुल 419 सीटों पर हुए थे। इस बार भाजपा को 280 से ज्यादा सीटें और 40 फीसदी से ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद है। लोकसभा चुनाव में भाजपा को 42 फीसदी वोट मिले थे। इससे स्पष्ट है कि लोकसभा चुनाव के वक्त यूपी में जो मोदी लहर दिखाई दी थी वह अब भी कायम है। यूपी के जनादेश से यह भी स्पष्ट है कि केन्द्र में मोदी ने जिस तरह से सरकार चलाई है और जो फैसले लिए हैं उससे यूपी की जनता खुश हैं।

यूपी के चुनावी नतीजे पहले से ही पूरी तरह से पार्टी और सरकार पर मजबूत पकड़ बना चुके पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जोड़ी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली साबित हुए हैं। पार्टी के भीतर जो नाराज नेता मौके के इंतजार में थे,उनके रास्ते बंद हो जाएंगे। यूपी में विधानसभा की 403 सीटों के लिए 7 चरणों में चुनाव कराए गए थे। समाजवादी पार्टी की अंदरुनी लड़ाई के बाद जहां कांग्रेस ने उसके साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा। वहीं बसपा अकेले आगे बढ़ी। भाजपा ने अपना दल और भारतीय समाज पार्टी जैसे छोटे दलों के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा। सपा ने 298 और कांग्रेस ने 105 सीटों पर चुनाव लड़ा। यूपी में पहले चरण का चुनाव 11 फरवरी,दूसरे चरण का 15 फरवरी,तीसरे चरण का 19 फरवरी,चौथे चरण का 23 फरवरी,पांचवे चरण का 27 फरवरी,छठे चरण का 4 मार्च और सातवें चरण का चुनाव 8 मार्च को संपन्न हुआ।

2012 के विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने अलग अलग चुनाव लड़ा था। सपा को 224,बसपा को 80,भाजपा को 47 और कांग्रेस को 28 सीटें मिली थी। अन्य उम्मीदवार 24 सीटों पर जीते थे। 15 साल से भाजपा यूपी में सत्ता से बाहर है। 2000 से 2002 तक राजनाथ सिंह यहां के सीएम थे। 14 साल से बसपा सरकार से बाहर है। इसके बाद से मुलायम सिंह यादव और 2012 में अखिलेश यादव सीएम बने। 28 साल बाद यहां कांग्रेस को यूपी में सत्ता में वापसी की उम्मीद थी। पिछले बार 1999 में एनडी तिवारी कांग्रेस के सीएम थे।