विश्व स्वदेशी दिवस पर त्रिपुरा में भड़की हिंसा

Daily news network Posted: 2017-08-11 18:57:50 IST Updated: 2017-08-11 18:57:50 IST
विश्व स्वदेशी दिवस पर त्रिपुरा में भड़की हिंसा
  • अगरतला के खुमुलायंग त्यंग स्थित त्रिपुरा आदिवासी क्षेत्र स्वायत्तशासी जिला परिषद मुख्यालय में उस समय तनाव और अधिक बढ़ गया जब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और आदिवासी मूल के हंडिजीनस पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफटी) के बीच संघर्ष की कई घटनाओं में बुधवार को 10 लोग घायल हो गए।

त्रिपुरा

अगरतला । अगरतला के खुमुलायंग त्यंग स्थित त्रिपुरा आदिवासी क्षेत्र स्वायत्तशासी जिला परिषद मुख्यालय में  उस समय तनाव और अधिक बढ़ गया जब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और आदिवासी मूल के हंडिजीनस पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफटी) के बीच संघर्ष की कई घटनाओं  में बुधवार को 10 लोग घायल हो गए।




पुलिस ने हिंसा और आगजनी के लिए आईपीएफटी के महासचिव मेबार कुमार जमातिया तथा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस बीच आईपीएफटी ने कुछ स्थानीय माकपा नेताओं और कैडरों के विरुद्ध हमले के लिए उकसाने की शिकायत दर्ज कराई है। 





आईपीएफटी के समर्थकों ने खुमुलवंग स्थित माकपा कार्यालय में कथित रूप से आग लगा दी जबकि आगजनी की घटना में 19 मोटरबाइक  भी खाक हो गए। हमले में पार्टी कार्यालय में बड़े  पैमाने पर संपत्तियों तथा फर्नीचरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। 




हालाकि इस संबंध में अभी तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है दो महिलाओं समेत सभी घायलों को अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है जहां तीन की हालत नाजुक है। उन्हें इलाज़ के लिए त्रिपुरा के बाहर ल जाया जा सकता है



विश्व स्वदेशी दिवस के मौके पर दोनों पार्टियों  की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुबह से  ही हिंसा भडक उठी। माकपा का आराप है कि आईपीएफटी के कैडरों ने कुछ ग्रामीणों को उनके (माकपा के) कार्यक्रम में आने से रोक दिया तथा उन्हें धमकाया भी। एक अन्य समूह ने एडीसी मुख्यालय  के पास माकपा के आयोजित कार्यक्रम में मंच तथा ऑडीटोरियम को क्षतिग्रस्त कर दिया। 


बाद में माकपा ने पास के गांवाे में आईपीएफटी समर्थकों पर हमला कर दिया तथा देर रात तक दोनों पार्टियों के बीच सघर्ष की सात घटनाए हो चुकी थी। सामूहिक सघर्ष की घटनाओं में कई पुलिस और सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए।

पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) अभीजीत सप्तर्षा ने कहा, स्थिति अब नियंत्रण में है और हिंसा फैलने से रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए है। हम दोना पार्टियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहते हैं कि हम मामलों  की जांच कर रहे है तथा आरोपियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। घटना ने हिंसक रूप तब अख्तियार कर लिया जब गुस्साए आईपीएफटी कार्यकर्ताओं ने माकपा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राधापुर थाने का घेराव कर दिया। आईपीएफटी के अध्यक्ष एनसी देबवर्मा ने पुलिस पर सत्तारूढ माकपा कैडरों को पुलिस पर आरोप लगाया।



दूसरी ओर, माकपा के राज्य सचिव बिजन धर ने भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक हित के लिए और राज्य में अशांति फैलाने के उद्देश्य से आईपीएफटी कैडरों को भड़काने का आरोप लागते हुए कहा हम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालय पर हमले में शामिल सभी लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं