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गोवा में सरकार बनाने के लिए जोड़ तोड़ शुरू,पर्रिकर को सीएम बनाने की मांग

Patrika news network Posted: 2017-03-12 17:22:42 IST Updated: 2017-03-12 17:26:24 IST
गोवा में सरकार बनाने के लिए जोड़ तोड़ शुरू,पर्रिकर को सीएम बनाने की मांग
  • गोवा में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने की वजह से वहां सत्ता की जंग बेहद दिलचस्प हो गई है। इसके लिए जोड़ तोड़ की कोशिशें भी शुरू हो गई है।

नई दिल्ली।

गोवा में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने की वजह से वहां सत्ता की जंग बेहद दिलचस्प हो गई है। इसके लिए जोड़ तोड़ की कोशिशें भी शुरू हो गई है। कांग्रेस जहां 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है वहीं 13 सीट जीतने वाली भाजपा का वोट शेयर सबसे ज्यादा है।


ऐसे में महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी(3),गोवा फॉरवर्ड पार्टी(3) और निर्दलीयों(3) का महत्व काफी बढ़ गया है। 40 सीटों वाली गोवा विधानसभा में बहुमत के लिए 21 सीटों की जरूरत है। भाजपा की सरकार बनाने की संभावनाओं को तलाशने के लिए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी पणजी में डेरा डाल चुके हैं। गडकरी को गोवा का पर्यवेक्षक बनाया है। उन्होंने वहां भाजपा विधायकों के साथ बैठक की है। बताया जा रहा है कि भाजपा को महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी,गोवा फॉरवर्ड पार्टी और 2 निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिल गया है।


हालांकि जीएफपी अध्यक्ष प्रभाकर तिंबले ने न्यूज एजेंसी से कहा कि उन्होंने किसी को समर्थन नहीं दिया है। जिन्हें हमारे समर्थन की जरूरत है उन्हें एक फॉर्मल प्रपोजल और कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाकर देना होगा। इसके बगैर हम कुछ नहीं कर सकते। गोवा और गोवा के लोगों की भलाई के लिए हम विपक्ष में भी बैठने को तैयार हैं।


उधर राज्य में कांग्रेस के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने बहुमत के लायक विधायक जुटा लेने का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा,17 सीटें कांग्रेस के पास है। 3 सीटें समर्थकों ने जीती है। एक निर्दलीय भी हमारे साथ है। इस तरह हमारे पास बहुमत के लिए संख्या हो गई है। दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर खरीद फरोख्त का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को अगर 21 विधायकों का समर्थन हासिल है तो हम विपक्ष में बैठने के लिए तैयार हैं लेकिन यह जनमत के खिलाफ होगा।


महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी ने भाजपा को समर्थन देने के लिए पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने की शर्त रखी है। एमजीपी के सुधिन थवलीकर और गडकरी के बीच मीटिंग हो चुकी है। थवलीकर को गडकरी का करीबी बताया जाता है। एमजीपी पहले भी भाजपा के साथ रही है लेकिन पार्सेकर से मतभेदों के चलते वो अलग हो गई थी। भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों ने भी रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की है। भाजपा विधायक माइकल लोबो ने कहा,हमने फैसला किया है कि पर्रिकर को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर विधानमंडल दल का नेता बनना चाहिए। अगर एमजीएफ और जीएफपी हमें समर्थन पत्र सौंपते हैं तो हम सरकार बनाएंगे।