क्या विजय माल्या के पक्ष में है उनकी ये गिरफ्तारी?

Daily news network Posted: 2017-04-19 10:42:21 IST Updated: 2017-04-19 10:42:21 IST
क्या विजय माल्या के पक्ष में है उनकी ये गिरफ्तारी?
  • ऐसी आशंका है कि ब्रिटिश पुलिस की ओर से उठाए गए इस कदम का भारत की संभावनाओं पर उलटा ही असर पड़ जाए।

नई दिल्ली

भारतीय स्टेट बैंक सहित कई बैंकों के करोड़ों रुपये का कर्ज अदा न करने के आरोपी शराब कारोबारी विजय माल्या को स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने लंदन में गिरफ्तार कर लिया। बाद में, हालांकि, उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के सूत्रों ने यहां बताया कि माल्या को भारत की ओर से प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। जल्दी ही वहां सीबीआई की एक टीम भेजी जायेगी। हालांकि, ऐसी आशंका है कि ब्रिटिश पुलिस की ओर से उठाए गए इस कदम का भारत की संभावनाओं पर उलटा ही असर पड़ जाए।


कानूनी जानकार मानते हैं कि माल्या की गिरफ्तारी और अदालत में पेश होते ही कुछ ही देर में मिली बेल उनके ही पक्ष में ही गई है। इस कानूनी प्रक्रिया के जरिए माल्या ने अपने प्रत्यर्पण को रुकवाने के लिए जमीन तैयार कर ली है। माल्या ने ऐसा करके अपने केस को ब्रिटिश जुडिशल सिस्टम का हिस्सा बना लिया है। अब उनके पास वहां के कानूनों में उपलब्ध सभी विकल्पों का इस्तेमाल करने का रास्ता खुल गया है। इस लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद ही उन्हें भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला हो सकेगा।  कर्नाटक हाई कोर्ट में कार्यरत प्रत्यर्पण से संबंधित कानूनों के जानकार एडवोकेट श्याम सुंदर की तो यही राय है। उनका कहना है, अब यह लंबे वक्त तक खिंचने वाली प्रक्रिया बन जाएगी और माल्या को वापस लाना आसान नहीं होगा। जिस प्राइमरी कोर्ट में उनके मामले की सुनवाई हो रही है, उसे प्रत्यर्पण के मामले में सिर्फ एडवाइजरी जुरिडिक्शन है (उच्च न्यायालयों से सलाह ले सकती है या सरकार को सुझाव दे सकती है), जो फैसला नहीं कर सकती। 


बता दें कि माल्या पिछले वर्ष ब्रिटेन चला गया था, तब से उसे भारत लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस बीच सरकार ने दावा किया कि किंगफिशर के मालिक माल्या की लंदन में हुई गिरफ्तारी ब्रिटिश सरकार से उसके अनुरोध का परिणाम है और उसके प्रत्यर्पण की कानूनी कार्यवाही जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने माल्या की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि भारत सरकार के ब्रिटेन सरकार को माल्या के प्रत्यर्पण के अनुरोध के परिणामस्वरूप उसकी गिरफ्तारी हुई है । ब्रिटेन में प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया जारी है। दोनों सरकारें इस बारे में एक दूसरे के संपर्क में हैं। 


इस बीच माल्या की गिरफ्तारी और तत्काल जमानत को लेकर राजनीति शुरू हो गयी है । केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने यहां कहा कि ब्रिटेन में माल्या की गिरफ्तारी और बाद पर जमानत पर रिहा किया जाना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि माल्या को जमानत पर छोड़े जाने को किसी तरह की कोताही के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि जमानत कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है । उधर, कांग्रेस ने कहा कि शराब कारोबारी माल्या की लंदन में गिरफ्तारी नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार बनाये जा रहे दबाव का परिणाम है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यहां कहा कि माल्या को स्वदेश लाने के लिए कांग्रेस लगातार सरकार पर दबाव बना रही है। इसी दबाव में सरकार ने इस वर्ष फरवरी में माल्या के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटिश सरकार से अनुरोध किया था।



 गिरफ्तारी के बाद माल्या की जमानत मंजूर होने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में सरकार देशवासियों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि एक घंटे के भीतर विजय माल्या की जमानत मंजूर हो गयी। इसलिए सरकार को भारतीयों को गुमराह नहीं करना चाहिए। अपनी गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए माल्या ने कहा कि भारतीय मीडिया हमेशा की तरह मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। माल्या पिछले वर्ष देश छोड़कर ब्रिटेन चला गया था । उसके बाद सरकार ने उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया और उसके प्रत्यर्पण का प्रयास किया जा रहा है।