जब गनर ने फायरिंग कर बचाई थी आदित्यनाथ योगी की जान

Daily news network Posted: 2017-03-20 16:25:55 IST Updated: 2017-03-20 16:25:55 IST
जब गनर ने फायरिंग कर बचाई थी आदित्यनाथ योगी की जान
  • 2006 में यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। उस वक्त पूर्वांचल में जबर्दस्त हिंसा हुई।

जयपुर।

2006 में यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। उस वक्त पूर्वांचल में जबर्दस्त हिंसा हुई। हिंसा की वजह थी योगी के साथी अजित सिंह की हत्या। छात्र नेता रहे अजित सिंह की तेरहवीं में शामिल होने आदित्यनाथ योगी जा रहे थे। साथ में लाव लश्कर भी था। रास्ते में एक गांव पड़ा तकिया। वहां योगी के काफिले पर हमला हो गया।

हमलावरों ने योगी को घेर लिया। इस दौरान योगी समर्थकों को खूब मारा गया। योगी के गार्ड ने अपना फर्ज निभाते हुए फायरिंग कर दी। इसमें एक हमलावर मारा गया। इसके बाद पूरे इलाके में दंगा हो गया। पुलिस योगी के पीछे पड़ गई। उनके खिलाफ दंगा भड़काने का केस दर्ज हुआ। पुलिस को जहां जो योगी का समर्थक मिला उसे जेल में डाल दिया गया। पुलिस का इतना डर बैठ गया था कि योगी के समर्थक गांव छोड़कर चले गए। एक दिन योगी गोरखपुर जा रहे थे तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। योगी का कहना था कि इस केस में कानूनन उनको सिर्फ 12 घंटे जेल में रखा जा सकता था लेकिन 11 दिन जेल में रखा गया। पुलिस की पूछताछ में योगी को जो दर्द मिला उसका बयान उन्होंने संसद में किया। योगी ने रोते हुए अपनी व्यथा बताई।

इसके लिए पहले उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी से अनुरोध किया। इजाजत मिलने के बाद भाषण शुरू होते ही योगी रोने लगे। काफी देर तक कुछ नहीं बोल पाए। फिर बोलना शुरू किया तो कहा,मैं तीसरी बार गोरखपुर से लोकसभा का सदस्य बना हूं। महोदय पहली बार में 25 हजार वोटों से जीता था। दूसरी बार 50 हजार से। तीसरी बार करीब 1.5 लाख मतों से चुनकर लोकसभा में आया हूं। लेकिन पिछले कुछ समय से महोदय राजनीतिक द्वेष के कारण मुझे जिस प्रकार से राजनीतिक पूर्वाग्रह का शिकार बनाया जा रहा है।

मैं केवल आफसे ये अनुरोध करने आया हूं कि मैं इस सदन का सदस्य हूं या नहीं और ये सदन मुझे संरक्षण दे पाएगा या नहीं। मुझे संरक्षण नहीं दे सकता तो मैं आज ही सदन को छोड़कर चला जाना चाहता हूं। मैं इसमें कोई महत्व नहीं रखता। मैंने अपने जीवन से संन्यास लिया है अपने समाज के लिए। मैंने अपने परिवार को छोड़ा है। मैंने अपने मां बाप को छोड़ा है। मुझे अपराधी बनाया जा रहा है महोदय। राजनीतिक पूर्वाग्रह के साथ,खाली इसलिए क्योंकि मैंने वहां भ्रष्टाचार के मामले उजागर किए थे क्योंकि मैंने भारत और नेपाल की सीमा पर आईएसआई और राष्ट्रद्रोही गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाई थी। बराबर उसके खिलाफ सद का ध्यान आकर्षित करता रहा। मैं वहां भुखमरी से हो रही मौतों के खिलाफ प्रशासनिक भ्रष्टाचार को उठाता रहा। इसमें मेरे खिलाफ महोदय सारे के सारे मामले बनाए गए हैं,बनाए जा रहे हैं।