इस शहीद मंदिर में जाने पर दहल जाएगा आपका दिल

Daily news network Posted: 2018-01-13 12:18:11 IST Updated: 2018-01-13 15:01:05 IST
  • जलियांवाला बाग अमृतसर का वह स्थल है जहां पर विश्व प्रसिद्ध शहीद मंदिर स्थित है। शहीद मंदिर इसलिए क्योंकि भारत वर्ष पर ब्रिटिश तानाशाही कानून का प्रतिवाद करने के उद्देश्य देशभक्ति की भावना मन के लिए 13 अप्रैल 1919 को हजारों भारतीय निवासी जलियांवाला बाग में एकत्रित हुए थे।

जलियांवाला बाग अमृतसर का वह स्थल है जहां पर विश्व प्रसिद्ध शहीद मंदिर स्थित है। शहीद मंदिर इसलिए क्योंकि भारत वर्ष पर ब्रिटिश तानाशाही कानून का प्रतिवाद करने के उद्देश्य देशभक्ति की भावना मन के लिए 13 अप्रैल 1919 को हजारों भारतीय निवासी जलियांवाला बाग में एकत्रित हुए थे।

हालांकि शहर में कर्फ्यू लगा हुआ था, फिर भी इसमें सैंकड़ों लोग ऐसे भी थे, जो आस-पास के इलाकों से बैसाखी के मौके पर परिवार के साथ मेला देखने और शहर घूमने आए थे और सभा की खबर सुन कर वहां जा पहुंचे थे।

सभा के शुरू होने तक वहां 10-15 हजार लोग जमा हो गए थे। तभी इस बाग के एकमात्र रास्ते से डायर ने अपनी सैनिक टुकड़ी के साथ वहां पोजिशन ली और बिना किसी चेतावनी गोलीबारी शुरू कर दी।

जलियांवाला बाग में जमा लोगों की भीड़ पर कुल 1,650 राउंड गोलियां चलीं जिसमें सैंकड़ो अहिंसक सत्याग्रही शहीद हो गए, और हजारों घायल हुए। घबराहट में कई लोग बाग में बने कुंए में कूद पड़े।

कुछ ही देर में जलियांवाला बाग में बूढ़ों, महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों लोगों की लाशों का ढेर लग गया था। अनाधिकृत आंकड़े के अनुसार यहा 1000 से भी ज्यादा लोग मारे गए थे। इस बर्बरता ने भारत में ब्रिटिश राज की नींव हिला दी।

कैसे जाएं

आप दिल्ली से बस या ट्रेन से यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से अमृतसर के लिए सीधी ट्रेन और बसें भी चलती है।