22 January, 2017
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यादव सिंह पर फंसे मुलायम, भतीजे से डील का खुलासा

Daily News Network Posted: 2015-09-11 12:51:00 IST Updated: 2015-09-11 13:04:34 IST
नई दिल्ली।
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो और एक समय देश के  रक्षामंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव के लिए इन दिनों परिस्थितियां बद से बदतर होती जा रही है। पहले एक आईपीएस ने उन पर धमकाने का आरोप लगा कर और एक ऑडियो क्लिप सार्वजनिक कर उन्हें कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की, तो अब एक ऐसी जानकारी सामने आ रही है, जो आने वाले दिनों में सिर्फ मुलायम सिंह की ही नहीं, पूरी पार्टी के गले की फांस बन सकती है।

दरअसल, मामला नोएडा के अरबपति और विवादित इंजीनियर यादव सिंह को लेकर है। बताया जा रहा है कि मुलायम के भतीजे और सपा महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव के यादव सिंह से कारोबारी रिश्तों की बात सामने आई है।

इसलिए उठ रही हैं अंगुलियां
खुलासा हुआ है कि फिरोजाबाद से सांसद अक्षय ने यादव सिंह के सहयोगी से एनएम बिल्डवेल नाम की कंपनी ली थी। अक्षय ने सितंबर 2013 में एनएम बिल्डवेल कंपनी के 9,995 शेयर यादव सिंह के सहयोगी राजेश मनोचा से दस रुपए के भाव पर खरीदे थे। पांच शेयर अक्षय की पत्नी ऋ चा के नाम स्थानांतरित हुए थे। उस समय इस कंपनी के शेयर की कीमत लगभग 2050 रुपए होनी चाहिए थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सस्पेंड चल रहे यादव सिंह को नोएडा अथॉरिटी में बहाल कर दिया था। हालांकि, उनका सस्पेंशन मायावती से करीबी के चलते किया गया था।

यादव सिंह के कारनामे
यादव सिंह के घर से पिछले साल नवंबर में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने दस करोड़ रुपए उनकी ऑडी कार से बरामद किए थे। कार राजेश मनोचा की बताई जा रही है। वित्त मंत्रलय के सूत्रों की मानें, तो एनएम बिल्डवेल हवाला कारोबार के शक के घेरे में है। आयकर विभाग कंपनी की जांच कर रहा है। मनोचा मैक्कन इंफ्रा नाम की कंपनी में निदेशक भी है। यादव सिंह केस में मैक्कन कंपनी भी जांच के घेरे में है। 2013 तक यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता भी निदेशक थीं, लेकिन बाद में उसने त्यागपत्र दे दिया था।

यादव सिंह पर नरम रही है सपा सरकार
पिछले महीने यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें सीबीआई जांच का आदेश दिया गया था।