22 January, 2017
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भाजपा की विजय यात्रा को कोई नहीं रोक सकता: मोदी

Daily News Network Posted: 2015-09-01 14:44:48 IST Updated: 2015-09-01 15:41:43 IST
भागलपुर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां मंगलवार को कहा कि बिहार में 25 वर्ष तक राज करने वालों को इस विधानसभा चुनाव में इस अवधि का हिसाब देना चाहिए, परंतु वे केन्द्र सरकार से हिसाब मांग रहे हैं। मोदी ने पटना के गांधी मैदान में महागठबंधन द्वारा रविवार को आयोजित 'स्वाभिमान रैली' को 'तिलांजलि सभा' बताते हुए कहा कि इस रैली में जय प्रकाश, राम मनोहर लोहिया और कर्पूरी ठाकुर के आदशरे को उनके ही चेलों ने तिलांजलि दे दी।

भागलपुर के हवाईअड्डा मैदान में प्रधानमंत्री ने परिवर्तनन रैली को संबोधित करते हुए किसी का नाम लिए बिना कहा कि लोहिया जीवनभर कांग्रेस के खिलाफ लड़ते रहे। देश को बचाने के लिए जेल जाते रहे, परंतु उनके चेले सत्ता के लिए गांधी मैदान में उनके साथ बैठे थे, जिनका लोहिया ने जीवनभर विरोध किया। उन्होंने सवाल किया कि ये कौन-सा सिद्घांत है, कौन-सी नीति है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई छेड़ी थी, तब कांग्रेस की सरकार ने जेपी को जेल में बंद कर दिया था। पूरे देश को जेलखाना बना दिया था, जेपी की जेल में ऐसी हालत की गई कि बीमार हो गए और हमें उन्हें खोना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज उन्हीं के चेले उसी कांग्रेस के लोगों के उन्हीं के साथ उसी गांधी मैदान में बैठे थे, जिस गांधी मैदान से उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई शुरू की थी।

पीएम ने कहा कि मेरा दायित्व है कि जब लोकसभा का चुनाव आए तो मैं अपना हिसाब दूं लेकिन ये लोग अपने कारनामों और कामों का हिसाब नहीं दे रहे। मोदी बोले कि नौजवान बिहार छोडऩे को क्यों मजबूर हैं? ऐसे कई सवाल सामने खड़े हैं लेकिन ये लोग जवाब नहीं दे रहे। मोदी ने कहा कि कितने भी दल, नेता इकट्ठे हो जाएं, कितने ही धोखे दिए जाएं या भ्रम फैलाए जाएं, इस विजय यात्रा को कोई रोक नहीं सकता।

बिहार के लोग विकास करने और प्रगतिशील बिहार बनाने के लिए वोट करने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताओं ने हमारे पैकेज का मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि 1 लाख 6 हजार करोड़ कहां जाएगा, क्या यह पैसा चारे के लिए जाएगा। मोदी ने लोगों से गरीबों की परवाह न करने वाली सरकार को हटाने की बात कही। मोदी ने कहा कि हम जब बिहार को भूले ही नहीं तो याद आने का सवाल कैसा।

याद उन्हें आती है जो सत्ता के नशे में खो जाते हैं। मोदी ने बाकायदा घटनाओं का उल्लेख करते हुए हिसाब दिया कि उन्होंने बिहार को कब-कब याद किया। उन्होंने कहा कि भूकंप के दौरान में सबसे पहले फोन करने वाला मैं ही था। नीतीश दिल्ली में थे, उन्होंने कहा कि कोई जानकारी नहीं है। हमारे नेताओं ने दौड़ ने दौड़ कर काम किया था, लेकिन बिहार की सरकार ने क्या किया?

पिछले साल जब पहाड़ गिरा था तो सबसे पहले हमने NDRF के मुलाजिमों को भेजकर नदी के किनारे के गांव खाली कराए थे। क्योंकि पानी इकट्ठा हो गया था। लोगों को समझाया और कोसी इलाके को दोबारा डूबने से बचा लिया। दशहरे पर जब गांधी मैदान में भगदड़ हुई थी तो हमारे मांझी जी मुख्यमंत्री थे। मैं पहला व्यक्ति था जिसने बिहार के मुख्यमंत्री को फोन कर पूछा कि मुझे क्या मदद करनी चाहिए।  

उल्लेखनीय है कि रविवार को गांधी मैदान में जनता दल (युनाइटेड), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) गठबंधन ने 'स्वाभिमान रैली' आयोजित की थी, जिसमें सोनिया गांधी, लालू प्रसाद, नीतीश कुमार सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया था।