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इस क्रिकेटर के फैसले से आपके दिमाग का भी दही बन जाएगा

Patrika news network Posted: 2017-03-14 13:21:21 IST Updated: 2017-03-14 13:21:21 IST
इस क्रिकेटर के फैसले से आपके दिमाग का भी दही बन जाएगा
  • डीआरएस क्रिकेट को आसान बनाने के लिए लाया गया है। इसमें अगर टीमों को ऑन फील्ड अंपायर के फैसले को लेकर कोई दुविधा हो तो वह तीसरे अंपायर की मदद ले सकते हैं।

गाले।

डीआरएस क्रिकेट को आसान बनाने के लिए लाया गया है। इसमें अगर टीमों को ऑन फील्ड अंपायर के फैसले को लेकर कोई दुविधा हो तो वह तीसरे अंपायर की मदद ले सकते हैं। कई बार टीमों के फैसले सही साबित होते हैं लेकिन ज्यादातर ऑन फील्ड अंपायर ही सही साबित होते हैं,फिर भी डीआरएस की उपयोगिता को क्रिकेट में काफी सराहा जा रहा है।

पर कई टीमें ऐसे मौकों पर डीआरएस ले लेती है जिसे देखकर हैरानी होती है। ऐसा ही कुछ श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच पहले टेस्ट मैच के दौरान हुआ। टेस्ट मैच के दूसरे दिन बांग्लादेश के बाएं हाथ के बल्लेबाज सौम्य सरकार ने कुछ ऐसा किया जिसके बारे में शायद ही किसी ने सोचा हो। सौम्य सरकार ने क्लीन बोल्ड होने पर डीआरएस लिया। सरकार के इस फैसले से न केवल अंपायर बल्कि मैदान पर मौजूद खिलाड़ी और कमेंटेटर्स भी हैरान थे। हैरानी इसलिए क्योंकि क्लीन बोल्ड होने पर कोई भी प्लेयर डीआरएस नहीं लेता है।

सरकार को श्रीलंकाई गेंदबाज असेला गुणारत्ने ने क्लीन बोल्ड किया था। क्लीन बोल्ड होने पर डीआरएस लेने के कारण सरकार का जमकर मजाक उड़ाया गया क्योंकि डीआरएस के अस्तित्व में आने के बाद शायद ही किसी बल्लेबाज ने ऐसा किया हो। चूंकि अंपायर ने अपनी उंगली उठाने में देर कर दी थी इसलिए सरकार ने डीआरएस लिया। दरअसल,सौम्य सरकार ने देखा ही नहीं कि वो बोल्ड हो गए हैं। गेंदबाज गुणारत्ने की आउट की अपील पर अंपायर के उंगली उठाते ही उन्होंने डीआरएस ले लिया,ऐसा इसलिए क्योंकि बॉल सरकार के न बैट से लगी थी और न ही पैड से,इसलिए वो खुद को नॉट आउट समझ रहे थे लेकिन उन्होंने ये ध्यान ही नहीं दिया कि वो बोल्ड हो गए हैं। उन्हें लगा कि उनके खिलाफ कैच आउट की अपील की गई है। सरकार ने टेस्ट की दूसरी इनिंग में सबसे ज्यादा 53 रन बनाए।