22 January, 2017
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ये पूर्व क्रिकेटर घोषित होगा काफिर,जारी होगा कत्ल करने का फतवा!

Daily News Network Posted: 2017-01-04 12:52:19 IST Updated: 2017-01-04 12:52:19 IST
इस्लामाबाद। पूर्व क्रिकेटर और तहरीक ए इंसाफ पार्टी के मुखिया इमरान खान पर मोहम्मद साहब का अपमान करने का आरोप लगा है। इस्लाममी स्कॉलर पीर मोहम्मद अफजल कादरी ने इमरान खान को एक खुला पत्र लिखा है। इसमें इमरान खान पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया है।

पत्र में लिखा है कि इमरान खान ने मोहम्मद साहब के बारे में गलत बयानी की। इमरान खान को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया है। अगर वह ऐसा नहीं करते तो उन्हें काफिर घोषित कर दिया जाएगा। पत्र उर्दू में लिखा गया है। इमरान खान के खिलाफ कत्ल का फतवा भी जारी हो सकता है। उनको काफिर करार दे दिया जाएगा। आपको बता दें कि इमरान खान ने पोकेमोन गो गेम को गैर इस्लामी बताया था। डेली पाकिस्तान से बातचीत में पीर कादरी ने कहा कि अगर इमरान खान सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो संगठन को धर्म के खिलाफ गलत बयानी करन को लेकर वाजिब उल कत्ल का फतवा देना पड़ेगा।

अगर स्टेट इमरान खान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में नाकामयाब होता है तो फिर कोई भी आशिक ए रसूल(मोहम्मद साहब को चाहने वाला)उनको कत्ल कर देगा और ये कोई गुनाह नहीं होगा। पीर मोहम्मद अफजल कादरी वही है जिन्होंने पाकिस्तानी गर्वनर सलमान तासीर के बेटे शान तासीर के खिलाफ भी फतवा जारी किया था। पत्र में अफजल कादरी ने लिखा है, आपने एक तकरीर में जो सोशल मीडिया पर मैंने भी देखी है,कहा है कि जब नबी पर वही(अल्लाह के मैसेज)आना बंद हो हुई,तो मुहम्मद साहब ने अपने आपको पागल समझा। खां साहब!

काफिर ने हजरत नबी अकरम को मजनू कहा था,तो अल्लाह ने फरमाया,आप अपने रब के फजल से मजनू नहीं है। खां साहब! आप नबी पाक की खुले तौर पर तौहीन कर रहे हैं यानि आपने कुफरिया बातें कही है। आप अपने जुर्म का मीडिया पर एतराफ करके अल्लाह और रसूल अकरम से और मुस्लिमों से एलानिया माफी मांगिए। खुदा न करे आप अपनी जिद पर अड़ें तो फिर उल्लेमा ए दीन पर लाजिम है कि आपको काफिर और गुस्ताख ए रसूल घोषित कर दिया जाए। खां साहब!

आपने पहले भी और कई सियासतदानों ने दीनी तालीम न होने की वजह से दिल दुखाने वाली बातें की है। मैं इसरार करूंगा कि सभी नेताओं,फौजन और अफसरान के लिए इस्लामिक जानकारी हासिल करना जरूरी कर दिया जाए। इमरान खान ने अपने एक भाषण में कहा था,जब बुरा वक्त आता है। कई बार मुश्किल वक्त आए हैं तो कुरान की एक आयत जो मैं हमेशा मुश्किल वक्त में याद करता हूंं। मैं समझता हूं आप लोग भी उस आयत को जरूर याद रखें। वो बड़ी अहम आयत है क्योंकि जब मोहम्मद साहब को कई महीने वही(अल्लाह का मैसेज) नहीं आई तो वो ये समझने लगे शायद ये मैं इमेजिन तो नहीं कर रहा था।

सोचा कहीं मैं पागल तो नहीं हो रहा था। फिर उन्होंने सोचा अल्लाह थे तो शायद वो भूल गए हैं। देर के बाद जो आयत आई वो बहुत महत्वपूर्ण थी। तो अल्लाह ने अपने हबीब मोहम्मद साहब से कहा,याद करो जब तुम यतीम थे तो तुम्हें किसने खाना दिया। जब तुम गम में थे तो तुम्हें किसने रास्ता दिखाया। यानी अल्लाह ने उन्हें माजी याद दिलाया कि माजी में किसी ने तुम्हारी मदद की थी वो तुम्हारी फिर मदद करेगा।