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पिता थे खदान में मजदूर,बेटा है टीम इंडिया का स्टार क्रिकेटर

Patrika news network Posted: 2017-03-17 15:54:09 IST Updated: 2017-03-17 15:54:09 IST
पिता थे खदान में मजदूर,बेटा है टीम इंडिया का स्टार क्रिकेटर
  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करने वाले टीम इंडिया के गेंदबाज उमेश यादव कभी सेना में करियर बनाने का सपना देखते थे

जयपुर।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करने वाले टीम इंडिया के गेंदबाज उमेश यादव कभी सेना में करियर बनाने का सपना देखते थे लेकिन वहां फेल रहे। 20 साल की उम्र में जब वो बेरोजगार थे तो एक फ्रेंड के कहने पर क्रिकेट में आए।

मजदूर के बेटे से स्टार क्रिकेटर बनने तक का सफर तय कर चुके उमेश 7 लाख रुपए की घड़ी पहनते हैं। उमेश के पिता नागपुर के पास एक कोयला खदना में काम करते थे। उमेश का बचपन भी गांव में ही बीता। स्कूली पढ़ाई के बाद वो पुलिस और सेना में नौकरी करना चाहते थे लेकिन इसमें सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट का रूख किया। टेनिस बॉल छोड़कर लेदर बॉल से विदर्भ के लिए खेलने लगे। वो विदर्भ की ओर से इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले पहले खिलाड़ी हैं।

2008 में उमेश को दिल्ली डेयर डेविल्स ने 18 लाख रुपए में खरीदा। 2010 में उन्होंने वनडे और 2011 में टेस्ट डेब्यू किया। जब भी उमेश क्रिकेट से फ्री होते हैं तो फिटनेस के लिए खेत में पिता के साथ काम करते हैं। उमेश की पत्नी का नाम तान्या वाधवा है। उनकी मुलाकात साल 2010 में हुई थी। तब उमेश आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम से खेलते थे। टूर्नामेंट के दौरान ही दोनों पहली बार एक कॉमन फ्रेंड के जरिए दिल्ली में मिले थे। यहां से शुरू हुई दोस्ती करीब 2 साल चली। 2012 में उमेश ने तान्या को प्रपोज कर दिया। एक साल की डेटिंग के बाद दोनों ने मई 2013 में शादी की। उमेश अभी नागपुर के पास खापरखेड़ा में माता पिता और दो बड़े भाईयों के साथ रहते हैं। यहां उनका डबल स्टोरी घर है।