मणिपुर लोकप्रिय खेल "यूबी लाक्पी", जानिए कैसे खेलते है

Daily news network Posted: 2017-08-12 20:35:22 IST Updated: 2017-08-12 20:35:56 IST
मणिपुर लोकप्रिय खेल

मणिपुर

पूर्वोत्तर भारत के मणिपुर राज्य ने देश को मैरी कॉम, सरिता देवी, डिंग्को सिंह जैसे अनेक धुरंधर खिलाड़ी दिए है। इन  सभी खिलाड़ी का नाम बॉक्सिंग से जुड़ा हुआ है। लेकिन एक ऐसा खेल (यूबी लाक्पी) भी है जो मणिपुर में बहुत लोकप्रिय है। 

यूबी लाक्पी का मतलब होता है ''कोकोनट स्नैचिंग''. ये खेल यहां कई वर्षो  से खेला जा रहा है यहां के लोगों का मानना है कि मॉर्डन रग्बी न सिर्फ इस खेल से प्रेरित है बल्कि यूबी लाक्पी को रग्बी से ज्यादा मुश्किल खेल भी माना जाता है। 



जहां 400 ग्राम की रग्बी बॉल में हवा भरी होती है, वहीं मणिपुर के यूबी लाक्पी खेल में 1 किलो के खाली नारियल इस्तेमाल होता है. इस खेल में सबसे कमाल की बात ये है कि इस मैदान में ''गोल'' सिर्फ एक तरफ ही होता है। 



ये गोल 4.5 मीटर लम्बा और 3 मीटर चौड़ा एक आयताकार खाना होता है, जिसके पीछे गांव का मुखिया बैठा होता है. गोल करने के लिए खिलाड़ी को नारियल मुखिया तक पहुंचाना पड़ता है। 



यूबी लाक्पी के ''मैन ऑफ द मैच'' को मुखिया के हाथ से कोई ट्रॉफी नहीं बल्कि एक सफ़ेद कपड़ा दिया जाता है.



दरअसल राजा-महाराजा के समय में इस खेल को करवाने का मकसद होता था सबसे ताकतवर योद्धा को ढूंढना. मगर अब न राजा हैं और न ही योद्धा. उसके बावजूद यह खेल अब भी चल रहा है. पुरानी परंपरा में बदलाव करते हुए अब इस खेल में योद्धा नहीं बल्कि मैन ऑफ द मैच ढूंढें जाते हैं.



इस खेल को शुरू करने से पहले इसे और कठिन बनाने के लिए नारियल में चारों ओर भरपूर मात्रा में तेल लगा दिया जाता है. जिससे नारियल और भी चिकना हो जाता है  और खिलाड़ियों के पकड़ में आसानी से नहीं आता.



पुराने सामय की बात करें तो इस खेल में पूरा गांव शामिल हुआ करता था, लेकिन आधुनिकता के दौर में इस परंपरा को कुछ गिने-चुने लोग ही निभा रहे हैं. जो इस खेल के लिए चिंता का विषय है.



ऐसे में सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के द्वारा इस अनोखे खेल को जिंदा रखने के लिए व्यापक प्रयास किये जाने चाहिए और यूबी लाक्पी के प्रति लोगों को जागरूक बनाना चाहिए.