'सुपरमॉम' ने लगाया 'गोल्डन' पंच, अपने नाम किया खिताब

Daily news network Posted: 2018-02-02 08:32:43 IST Updated: 2018-02-02 15:10:23 IST
  • भारतीय मुक्केबाज एमसी मेरी कॉम ने इंडियन ओपन मुक्केबाजी टूर्नामेंट के आखिरी दिन गुरुवार को यहां स्वर्ण पदक जीता जबकि सरिता देवी को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा।

नई दिल्ली।

भारतीय मुक्केबाज एमसी मेरी कॉम ने इंडियन ओपन मुक्केबाजी टूर्नामेंट के आखिरी दिन गुरुवार को यहां स्वर्ण पदक जीता जबकि सरिता देवी को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। पुरुष वर्ग के ज्यादातर मुकाबलों में क्यूबा और उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज भारतीय खिलाड़ियों पर भारी पड़े।


मेरी कॉम ने 48 किलो भारवर्ग के फाइनल में फिलीपीन की जोसी गाबुको को 4-1 से मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले पिलाओ बसुमतारी (64 किलोग्राम) ने स्वर्ण पदक जीता। 


पूर्व विश्व और एशियाई कांस्य पदक विजेता ने थाईलैंड की सुदापोर्न सीसोंदी को 3-2 से शिकस्त दी। असम की इस मुक्केबाज ने सर्बिया में नेशन कप 2015 का खिताब भी अपने नाम किया है।


असम की एक अन्य मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने वेल्टरवेट (69 किलोग्राम) वर्ग में पूजा को हराकर स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहीं। एल सरिता देवी (60 किलोग्राम) को फाइनल में फिनलैंड की ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मिरा पोटकेनोन से हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। सरिता शानदार खेल दिखाने के बाद भी मुकाबला 2-3 से गंवा दिया।

पुरुषों के वर्ग में संजीत (91 किलोग्राम) ने देश के लिये पहला स्वर्ण जीता। उन्होंने उज्बेकिस्तान के संजार तुर्सुनोव को शिकस्त दी। कल एशियाई पदक विजेता शिव थापा को मात देकर उलटफेर करने वाले मनीष कौशिक (60 किलोग्राम) को रिंग में उतरे बिना ही स्वर्ण पदक मिल गया। मनीष के प्रतिद्वंदी बाट्टूमूर मिशील्ट चोटिल होने के कारण मैच नहीं खेल सके।

एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता सतीश कुमार (91 किलोग्राम से अधिक) को उज्बेकिस्तान के बाखोदिर जालोलोव ने 4-1 से हर कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

दिनेश डागर (69 किलोग्राम) भी एक बेहद ही रोमांचक फाइनल मुकाबले में उज्बेकिस्तान के बोबो-उस्मोन बातुरोव से हार गये।


पुरुषों के 81 किलोग्राम वर्ग में देवांशु जयसवाल को क्यूबा के डेविड गुटिएर्रेज और 75 किलोग्राम वर्ग में स्वाते बूरा को कैमरून के इस्सैने क्लोटिल्डे ने शिकस्त दी। एक लाख अमेरिकी डॉलर इनामी इस प्रतियोगिता के प्रत्येक स्वर्ण पदक विजेता को 2500 डॉलर तथा रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 1500 डॉलर और 500 डॉलर की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।